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'लाल बत्ती' के लिए जुगाड़ लगा रहे नवनिर्वाचित विधायक
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 16 Mar 2017 03:13 PM IST
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लालबत्ती
- फोटो : logo
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मुख्यमंत्री पद के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चाहे जितनी जद्दोजहद चल रही हो, बनारस के नेता लाल बत्ती के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। कई ने तो पार्टी के लिए किए गए अपने कार्यों की फाइल बना ली है। डिजायनर ढंग से बनाई गई इस फाइल में बायोडाटा कुछ इस तरह से बनाया गया है, जिससे जाहिर हो कि वह पार्टी के लिए हमेशा समर्पित रहे हैं।
कुछ नेता अपने नाम की सिफारिश के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की शरण में भी हैं।
आठों विधानसभा के चुने गए नए विधायक अपनी पैरवी करा रहे हैं। हर कोई अपनी-अपनी पार्टी के बडे़ नेताओं के संपर्क में है। बड़े नेताओं को विधानसभा चुनाव में विपरीत परिस्थितियों का भी हवाला दिया जा रहा है, ताकि यह बताया जा सके कि इनको व्यवस्थित करने में उनका चुनावी कौशल कम नहीं था।
हालांकि भाजपा नेता इस बात को खुले तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे हैं। यही नहीं, मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी के लिए कुछ विधायक तो जीतने के तुरंत बाद दिल्ली और लखनऊ के चक्कर लगा चुके हैं। अब उन्हें विधायक दल की बैठक का इंतजार है।
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अपना दल (सोनेलाल) की टिकट पर सेवापुरी से चुने गए विधायक नीलरतन पटेल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अजगरा के चुने गए विधायक कैलाश सोनकर भी मंत्री बनने की जुगाड़ में हैं। दोनों नेता पार्टी हाईकमान से लेकर दिल्ली और लखनऊ में बैठे संगठन के लोगों के जरिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश करने में लगे हैं।
दोनों नेताओं को लगता है कि अभी चूक गए तो पता नहीं कब मौका मिले।
इस बीच सुबह से चर्चा थी कि गुरुवार को लखनऊ में विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इस नाते सभी विधायक लखनऊ चले गए हैं।
इस बारे में बुधवार देर शाम उत्तरी के विधायक रवींद्र जायसवाल और कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक रद्द होने के कारण लखनऊ नहीं गए हैं। अभी बनारस में हैं। जब बुलाया जाएगा तो जाएंगे।
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कुछ नेता अपने नाम की सिफारिश के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की शरण में भी हैं।
आठों विधानसभा के चुने गए नए विधायक अपनी पैरवी करा रहे हैं। हर कोई अपनी-अपनी पार्टी के बडे़ नेताओं के संपर्क में है। बड़े नेताओं को विधानसभा चुनाव में विपरीत परिस्थितियों का भी हवाला दिया जा रहा है, ताकि यह बताया जा सके कि इनको व्यवस्थित करने में उनका चुनावी कौशल कम नहीं था।
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हालांकि भाजपा नेता इस बात को खुले तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे हैं। यही नहीं, मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी के लिए कुछ विधायक तो जीतने के तुरंत बाद दिल्ली और लखनऊ के चक्कर लगा चुके हैं। अब उन्हें विधायक दल की बैठक का इंतजार है।
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अपना दल (सोनेलाल) की टिकट पर सेवापुरी से चुने गए विधायक नीलरतन पटेल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अजगरा के चुने गए विधायक कैलाश सोनकर भी मंत्री बनने की जुगाड़ में हैं। दोनों नेता पार्टी हाईकमान से लेकर दिल्ली और लखनऊ में बैठे संगठन के लोगों के जरिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश करने में लगे हैं।
दोनों नेताओं को लगता है कि अभी चूक गए तो पता नहीं कब मौका मिले।
इस बीच सुबह से चर्चा थी कि गुरुवार को लखनऊ में विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इस नाते सभी विधायक लखनऊ चले गए हैं।
इस बारे में बुधवार देर शाम उत्तरी के विधायक रवींद्र जायसवाल और कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक रद्द होने के कारण लखनऊ नहीं गए हैं। अभी बनारस में हैं। जब बुलाया जाएगा तो जाएंगे।