फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   New Hindu code of conduct to curb dowry system lavish weddings and religious conversions

New Hindu Code: दहेज प्रथा, भव्य शादियों और धर्मांतरण पर अंकुश लगाएगी नई हिंदू आचार संहिता, पढ़ें- खास बातें

Fri, 25 Jul 2025 10:44 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 25 Jul 2025 10:44 AM IST
सार

New Hindu Code of Conduct: काशी विद्वत परिषद ने नई हिंदू आचार संहिता जारी की। इसके जरिये दहेज प्रथा, भव्य शादियों और धर्मांतरण पर अंकुश लगाने की कवायद की जाएगी।

विज्ञापन
New Hindu code of conduct to curb dowry system lavish weddings and religious conversions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe

विस्तार

Indian Dowry Laws 2025: काशी विद्वत परिषद ने हिंदू परंपराओं और सामाजिक व्यवहार में सुधार के लिए एक नई हिंदू आचार संहिता जारी की है। 400 पन्नों के इस दस्तावेज को देश भर के विद्वानों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और संतों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। नई संहिता में दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक और दिन में वैदिक तरीके से विवाह करने की सलाह दी गई है। 

विज्ञापन


ब्रह्मभोज में शामिल होंगे केवल 13 लोग
अंतिम संस्कार के बाद होने वाले भोज में केवल 13 लोगों को शामिल करने की सीमा तय की गई है। इसके साथ ही प्री-वेडिंग शूट और सगाई जैसी आधुनिक प्रथाओं को भी हतोत्साहित किया गया है। संहिता में हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
विज्ञापन


जिन लोगों ने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन कर लिया था, वे लोग अपने गोत्र और नाम सहित हिंदू धर्म में वापस लौट सकेंगे। इसके साथ ही मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिरों के गर्भगृह में केवल पुजारियों और संतों के प्रवेश की अनुमति होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अक्तूबर 2025 में आधिकारिक तौर पर होगी लागू

काशी विद्वत परिषद के महासचिव राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि इस संहिता को 70 विद्वानों द्वारा विकसित किया गया है। ये विद्वान 11 टीमों और तीन उप-टीमों में विभाजित थे। प्रत्येक टीम में उत्तरी और दक्षिणी भारत के पांच विद्वान शामिल थे। संहिता को अंतिम रूप देने के लिए 40 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इस संहिता की 5 लाख प्रतियां पूरे देश में बांटी जाएंगी। 

इसे भी पढ़ें; Vindhyachal Dham: पंडा दक्षिणा विवाद में पुलिस की कार्रवाई, चौकी प्रभारी समेत 24 लाइन हाजिर, आरक्षी निलंबित

इस संहिता को तैयार करने में मनुस्मृति, पराशर स्मृति, देवल स्मृति के साथ-साथ गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों के अंशों को शामिल किया गया है। अक्टूबर 2025 में शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और प्रमुख संतों की स्वीकृति के बाद इस संहिता को आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed