वाराणसी: प्रदूषण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, शिकायत पर दर्ज किया गया केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणस समेत प्रदेश के दूसरे जिलों में बढ़ते प्रदूषण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। पर्यावरण पर लगातार कार्य करने वाली संस्था क्रांति फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल कुमार सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने मामला दर्ज किया है।
काशी तथा उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों मे बढ़े प्रदूषण का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। पर्यावरण पर लगातार कार्य करने वाली संस्था क्रांति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई०राहुल कुमार सिंह जी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस विषय पर केस दर्ज कर लिया है।
इस मामले पर शिकायतकर्ता ने बताया कि काशी ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों मे एअर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) लगातार खराब चल रहा है। कहीं-कहीं तो ये आंकड़ा चार सौ के आसपास बना हुआ है, जो कि बेहद खराब स्थिति में आता है।
प्रदेश के जिलों मे लगातार जहरीली हवा के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। हालात ये हैं कि घर से बाहर निकलते ही लोगों की आंखों मे जलन और सिरदर्द की शिकायत आम बात हो गई है।
सड़कों पर चलने वाले राहगीरों की स्थिति सबसे खराब है। सड़कों पर जाम की स्थिति होने पर लोगों को दम घुटने जैसा अहसास होने लगा है। अस्पतालों मे सांस मे दिक्कत, आंखों मे जलन, अस्थमा इत्यादि की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या मे बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश में प्रदूषण की खराब स्थिति के बावजूद सरकार इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के पास प्रदूषण को कम करने का कोई एक्शन प्लान नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार को तुरंत निर्माण कार्यों मे कटौती और मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके अलावा विद्यालयों, कार्यालयों के कार्य दिवसों मे भी आवश्यक कटौती करनी चाहिए। सड़कों पर ट्रैफिक को कम करने और जाम न लगने की व्यवस्था सख्ती से लागू करनी चाहिए।