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पूर्वांचल में मिशन 2019 के लिए तैयार रणनीति पर अमल शुरू, भाजपा ने साधे एक तीर से तीन निशाने
Mon, 31 Dec 2018 11:13 AM IST
shashikant misra
प्रदीप मिश्र,अमर उजाला,गाजीपुर
प्रदीप मिश्र,अमर उजाला,गाजीपुर
Published by: shashikant misra
Updated Mon, 31 Dec 2018 11:13 AM IST
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पीएम मोदी ने दी सौगात
- फोटो : amar ujala
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गाजीपुर में महाराजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी कर भाजपा ने राजभर समाज को अपने पाले में रखने की पुख्ता कोशिश के साथ ही इनका नेतृत्व करने के लिए पार्टी के नेता को ही आगे बढ़ा दिया है।
पूर्वांचल के सियासी समीकरण और नतीजे प्रभावित करने में सक्षम इस बिरादरी के महापुरुष को सम्मान देकर भाजपा ने मिशन 2019 जीतने के लिए पिछड़ा कार्ड भी चल दिया है। गाजीपुर में सभा के आयोजन का मकसद एक तीर से तीन निशाने साधने का था।
सबसे पहला तो प्रदेश सरकार में सहयोगी दल होने के बावजूद आंखें दिखा रहे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को किनारे करना था, जबकि दूसरा इरादा सभा के बहाने राजभरों का रुझान जानना था। तीसरी बात पूर्वांचल में चुनावी माहौल की अनौपचारिक तैयारी शुरू करने का था।
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2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सुभासपा के साथ मऊ में चुनावी गठबंधन का एलान करने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ही गाजीपुर में सभा के संयोजन की जिम्मेदारी प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर को सौंपी थी। सभा तुलनात्मक रूप से सफल रही और इसका सेहरा अनिल राजभर के सिर बांधा जा सकता है।
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पूर्वांचल के सियासी समीकरण और नतीजे प्रभावित करने में सक्षम इस बिरादरी के महापुरुष को सम्मान देकर भाजपा ने मिशन 2019 जीतने के लिए पिछड़ा कार्ड भी चल दिया है। गाजीपुर में सभा के आयोजन का मकसद एक तीर से तीन निशाने साधने का था।
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सबसे पहला तो प्रदेश सरकार में सहयोगी दल होने के बावजूद आंखें दिखा रहे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को किनारे करना था, जबकि दूसरा इरादा सभा के बहाने राजभरों का रुझान जानना था। तीसरी बात पूर्वांचल में चुनावी माहौल की अनौपचारिक तैयारी शुरू करने का था।
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2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सुभासपा के साथ मऊ में चुनावी गठबंधन का एलान करने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ही गाजीपुर में सभा के संयोजन की जिम्मेदारी प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर को सौंपी थी। सभा तुलनात्मक रूप से सफल रही और इसका सेहरा अनिल राजभर के सिर बांधा जा सकता है।
ओमप्रकाश राजभर को यथास्थिति में रखने के पक्ष में भाजपा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : self
संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा के जरिए राजभर समाज के स्वाभिमान के संदेश को विस्तार देने की योजना बनाई गई। यह संदेश कितना कारगर होगा, यह तो आगे पता चलेगा लेकिन राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर ने अपनी बिरादरी से अपील की है कि डाक टिकट जारी होने पर लोग भारत के आजाद होने जैसा जश्न मनाएं।
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा माहौल में पार्टी अगले लोकसभा चुनाव तक ओमप्रकाश राजभर को यथास्थिति में रखने के पक्ष में है। उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी क्योंकि बगावत कर वह सपा-बसपा गठबंधन से हाथ मिला सकते हैं।
दरअसल, भाजपा यह जानती है कि राजभर समुदाय बसपा के साथ स्वाभाविक तौर पर सहज महसूस करते हैं। इसीलिए यह तय किया गया है। सुभासपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी की अगुवाई वाले तत्कालीन कौमी एकता दल के साथ गठबंधन किया था। बाद में कौमी एकता दल का विलय बसपा में हो गया था।
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा माहौल में पार्टी अगले लोकसभा चुनाव तक ओमप्रकाश राजभर को यथास्थिति में रखने के पक्ष में है। उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी क्योंकि बगावत कर वह सपा-बसपा गठबंधन से हाथ मिला सकते हैं।
दरअसल, भाजपा यह जानती है कि राजभर समुदाय बसपा के साथ स्वाभाविक तौर पर सहज महसूस करते हैं। इसीलिए यह तय किया गया है। सुभासपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी की अगुवाई वाले तत्कालीन कौमी एकता दल के साथ गठबंधन किया था। बाद में कौमी एकता दल का विलय बसपा में हो गया था।