लमही महोत्सव का आगाज: कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर दो दिन का आयोजन, शहर भर में जगह-जगह कार्यक्रम
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर दो दिवसीय लमही महोत्सव की शुरुआत आज से हो गई। रविवार को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से संत अतुलानंद कोइराजपुर में पेंटिंग प्रतियोगिता और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई।
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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर दो दिवसीय लमही महोत्सव की शुरुआत आज से हो गई। मुंशी प्रेमचंद के की जन्मस्थली वाराणसी के लमही सहित शहर में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित है। रविवार को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से संत अतुलानंद कोइराजपुर में पेंटिंग प्रतियोगिता और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई।
सोमवार को लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मारक और भवन में पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया है। शहर भर के साहित्यकार और गणमान्य लोग कथा सम्राट को नमन करेंगे। इसके बाद रामलीला मैदान व स्मारक पर सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू होगी। स्कूली बच्चों के साथ ही सांस्कृतिक संगठनों की मौजूदगी रहेगी। शाम को लमही को दीपों से सजाया जाएगा।
मंत्र और बड़े भाई साहब के साथ होगी बड़े घर की बेटी
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर आयोजित लमही महोत्सव में कथा सम्राट के पात्र जीवंत होंगे। मंत्र, बड़े भाई साहब और बड़े घर की बेटी के साथ ही कठपुतली की नाट्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रभारी डॉ. सुभाष चंद यादव ने बताया कि 31 जुलाई को सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10.30 बजे से लमही के रामलीला मैदान में होगी।
सबसे पहले कठपुतली की नाट्य प्रस्तुति होगी। इसके बाद संत अतुलानंद कोइराजपुर के बच्चे प्रेमचंद के गलियारे से का मंचन करेंगे। कजरी गायन के बाद सन वैली पब्लिक स्कूल के बच्चे नाटक मंत्र, दिशा क्रिएशन की ओर से दुनिया का मेला, मंचदूतम की ओर से हाय रे पानी, प्रेरणा कला मंच की ओर से मंत्र का मंचन होगा। महेंद्र सिंह यादव लोकगीत की प्रस्तुति देंगे। सनबीम वीमेंस काॅलेज वरुणा की ओर से बड़े घर की बेटी और भावानुकीर्तनम की ओर से बड़े भाई साहब का मंचन होगा। मुंशी प्रेमचंद स्मारक पर पुष्पांजलि और विद्वत सम्मान समारोह का आयोजन होगा। शाम को स्मारक को दीयों से सजाया जाएगा।
पैतृक गांव लमही में निकला मंत्र मार्च
मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी मंत्र के नाम पर सुभाष भवन से प्रेमचंद के पैतृक आवास तक विशाल भारत रंगमंच के कार्यकर्ताओं एवं कलाकारों ने मंत्र मार्च निकालकर प्रेमचंद को नमन किया। मार्च का नेतृत्व विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव एवं मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने किया।
संगोष्ठी में डॉ. कवींद्र नारायण ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य समाज का दर्पण है। राजा से उतरकर प्रजा पर साहित्य लेखन करना बहुत बड़ी बात है। मुंशी प्रेमचंद ने समाज की महिलाओं को साहित्य में स्थान देकर साहित्य लेखन के जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन किया क्योंकि उन्होंने समाज में घटित हो रही घटनाओं को ही अपने लेखन के माध्यम से प्रस्तुत किया।