{"_id":"5f9723b48ebc3e9bd506272a","slug":"muharam-varanasi-news-vns5549671102","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलूसे मुहम्मदी पर प्रतिबंध से नहीं आए पूर्वांचल के व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुलूसे मुहम्मदी पर प्रतिबंध से नहीं आए पूर्वांचल के व्यापारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। ईद मिलादुन्नबी पर इस बार जुलूसे मुहम्मदी नहीं निकलने से सामानों की खरीदारी करने पूर्वांचल के खरीदार नहीं पहुंचे। लिहाजा, 50 प्रतिशत बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि सजावट पर प्रतिबंध नहीं होने से सजावटी सामानों की बिक्री पर असर नहीं पड़ा।
जुलूस में शामिल होने के लिए हरे रंग के बड़े झंडे, मदनी झंडे, लालैन शरीफ, टीन और कपड़े के बिल्ले, मोटर साइकिल पर लगने वाले छोटे झंडे और फूल के झंडों की बिक्री होती है। शासन की गाइड लाइन जारी होने पर पूर्वांचल से आने वाले खरीदार नहीं पहुंचे। दालमंडी में सामानों की थोक दुकान सफी बुक डिपो के प्रोपराइटर असुदल सलाम ने बताया कि सामान तो मंगा लिया गया था, लेकिन जुलूस पर प्रतिबंध की सूचना से पूर्वांचल के व्यापारियों के नहीं आने से बिक्री पर 50 प्रतिशत का असर पड़ा है। बिहार और एमपी से आए व्यापारियों ने ही खरीदारी की। ऐसे में नुकसान से बचने के लिए सामान का दाम कम करना पड़ा।
72 रुपये दर्जन बिकने वाला कपड़े का बिल्ला 48 रुपये, टीन का बिल्ला 36 की बजाय 24 रुपये दर्जन बिका। जबकि मदनी झंडा 50 रुपये की बजाय 35 रुपये प्रति पीस बेचना पड़ा। नूर नबी बुक सेलर के प्रोपराइटर रियाज अहमद नूर बताते हैं कि सजावट पर प्रतिबंध नहीं होने से सजावटी सामान मसलन, घरों पर टांगने के लिए इस्लामी छोटे बड़े झंडे, कागज की हरी और लाल झंडियां वगैरह ही बिक रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जुलूस में शामिल होने के लिए हरे रंग के बड़े झंडे, मदनी झंडे, लालैन शरीफ, टीन और कपड़े के बिल्ले, मोटर साइकिल पर लगने वाले छोटे झंडे और फूल के झंडों की बिक्री होती है। शासन की गाइड लाइन जारी होने पर पूर्वांचल से आने वाले खरीदार नहीं पहुंचे। दालमंडी में सामानों की थोक दुकान सफी बुक डिपो के प्रोपराइटर असुदल सलाम ने बताया कि सामान तो मंगा लिया गया था, लेकिन जुलूस पर प्रतिबंध की सूचना से पूर्वांचल के व्यापारियों के नहीं आने से बिक्री पर 50 प्रतिशत का असर पड़ा है। बिहार और एमपी से आए व्यापारियों ने ही खरीदारी की। ऐसे में नुकसान से बचने के लिए सामान का दाम कम करना पड़ा।
विज्ञापन
72 रुपये दर्जन बिकने वाला कपड़े का बिल्ला 48 रुपये, टीन का बिल्ला 36 की बजाय 24 रुपये दर्जन बिका। जबकि मदनी झंडा 50 रुपये की बजाय 35 रुपये प्रति पीस बेचना पड़ा। नूर नबी बुक सेलर के प्रोपराइटर रियाज अहमद नूर बताते हैं कि सजावट पर प्रतिबंध नहीं होने से सजावटी सामान मसलन, घरों पर टांगने के लिए इस्लामी छोटे बड़े झंडे, कागज की हरी और लाल झंडियां वगैरह ही बिक रहीं हैं।
विज्ञापन