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BHU : 6 साल में दो बार एमओयू, सुविधाओं का इंतजार, OPD में नहीं लग सका पेशेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम; जानें खास

Mon, 03 Mar 2025 04:36 PM IST
अमन विश्वकर्मा रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 03 Mar 2025 04:36 PM IST
सार

एम्स जैसी सुविधाओं के लिए बीएचयू के पेशेंट भी इंतजार कर रहे हैं। एमओयू के बाद भी यह सुविधा नहीं मिल पाना बड़े सवाल खड़े करती है। यहां आईसीयू के लिए भी मरीजों को बेड का इंतजार करना पड़ता है।

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MOU twice in ims BHU waiting for facilities patient information system could not installed in OPD
IMS BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा के लिए छह साल में दो बार एमओयू हो चुका है, इसके बाद भी मरीजों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में पेशेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम न होने से मरीजों को अपने पर्चे के नंबर की सही जानकारी नहीं हो पा रही है।

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इसके साथ ही खून की जांच के लिए काउंटर पूरे न होने से मेडिकल कॉलेज तक चक्कर काटना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे की सुविधा नहीं है। आईसीयू के लिए भी मरीजों को बेड का इंतजार करना पड़ता है।
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बीएचयू अस्पताल में सुविधाओं में इजाफा और एम्स जैसी सुविधा के लिए सात साल पहले 5 अगस्त 2018 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की मौजूदगी में एमओयू हुआ था। 22 नवंबर 2024 को फिर शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एमओयू हुआ। स्थिति यह है कि जो समस्या 2018 में थी, वहीं छह साल बाद भी है।  

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ये भी जानें

  • पेट जांच : कैंसर मरीजों के लिए यह जांच बहुत जरूरी होती है, ये बीएचयू में नहीं होती है। इससे किस स्टेज का कैंसर है, इसकी सही जानकारी मिलती है। 
  • आईसीयू : बीएचयू अस्पताल के वार्ड, इमरजेंसी में भर्ती के दौरान मरीजों का इलाज तो हो जाता है लेकिन अगर डॉक्टर ने आईसीयू लिख दिया तो मरीजों के तीमारदार चिंतित हो जाते हैं। एसएसबी के छठे तल, बीएचयू अस्पताल में बने आईसीयू में आमतौर पर बेड खाली नहीं रहता है। 
  • जांच काउंटर : बीएचयू अस्पताल में खून जांच के लिए एक ही जगह सैंपल लेने, जांच के लिए सीसीआई लैब खुलवाई गई है। यहां काउंटर भी है, लेकिन महिलाओं की बीमारी, कैंसर से जुड़ी जांच ऐसी है, जिसके लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज तक जाना पड़ता है। 
  • एमसीएच विंग में आईवीएफ, जांच : आईएमएस बीएचयू में जो एमसीएच विंग बनाया गया है, वहां गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे जरूरी अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तक की सुविधा नहीं है। महिलाओं को बीएचयू अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष तक जाना पड़ता है।

बोले अधिकारी
एम्स जैसी सुविधा के लिए तेजी से कार्रवाई चल रही है। मरीजों की जरूरत के हिसाब से विभागवार सूची तैयार कराई जा रही है। चरणबद्ध तरीके से अस्पताल में जांच, इलाज की सुविधाएं मरीजों को मुहैया करवाई जाएंगी। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स में प्रशिक्षण भी दिलवाया जा रहा है, इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। -प्रो.एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू

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