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Human Rights Day: बीते एक साल में बनारस में मानवाधिकार हनन से जुड़े इतने मामले आए सामने
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 10 Dec 2017 03:19 PM IST
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मानवाधिकार
- फोटो : demo
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मानवाधिकार दिवस आज है। वाराणसी में बीते एक साल में मानवाधिकार हनन से जुड़ी तीन सौ शिकायतें सामने आईं। इनमें से पुलिस उत्पीड़न से संबंधित 35 मामले और हिरासत में युवक की मौत का मामला सुर्खियों में रहा। पुलिस उत्पीड़न और हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले के भुक्तभोगियों को अभी भी न्याय का इंतजार है।
बीते 10 अक्तूबर को जैतपुरा थाने में पुलिस हिरासत में टॉयलेट क्लीनर पीने से बुनकर पिंटू राजभर की मौत हो गई थी। परिवारीजनों का आरोप था कि पुलिस की पिटाई से भयभीत पिंटू ने टॉयलेट क्लीनर पीकर जान दे दी थी।
मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों की निगरानी करने वाली संस्था पीपुल्स विजिलेंस कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स ने इसकी शिकायत बीते 18 अक्तूबर को मानवाधिकार आयोग से की थी। संस्था के महासचिव डॉ. लेनिन ने बताया कि मानवाधिकार आयोग की सक्रियता और सख्ती के कारण वर्ष 2012 के बाद बनारस और आसपास के जिलों में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में कमी आई है।
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हालांकि, पुलिस उत्पीड़न से जुड़े मामलों में अभी और गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे कई मामले बीते एक साल में सामने आए जिनमें पुलिस ने आमजन के साथ ज्यादती की।
बताया कि बीते एक साल में मानवाधिकार हनन से जुड़ी 300 शिकायतें उनके पास आईं और सभी को निर्धारित मंच तक पहुंचाकर निस्तारण कराने का प्रयास किया गया।
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बीते 10 अक्तूबर को जैतपुरा थाने में पुलिस हिरासत में टॉयलेट क्लीनर पीने से बुनकर पिंटू राजभर की मौत हो गई थी। परिवारीजनों का आरोप था कि पुलिस की पिटाई से भयभीत पिंटू ने टॉयलेट क्लीनर पीकर जान दे दी थी।
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मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों की निगरानी करने वाली संस्था पीपुल्स विजिलेंस कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स ने इसकी शिकायत बीते 18 अक्तूबर को मानवाधिकार आयोग से की थी। संस्था के महासचिव डॉ. लेनिन ने बताया कि मानवाधिकार आयोग की सक्रियता और सख्ती के कारण वर्ष 2012 के बाद बनारस और आसपास के जिलों में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में कमी आई है।
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हालांकि, पुलिस उत्पीड़न से जुड़े मामलों में अभी और गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे कई मामले बीते एक साल में सामने आए जिनमें पुलिस ने आमजन के साथ ज्यादती की।
बताया कि बीते एक साल में मानवाधिकार हनन से जुड़ी 300 शिकायतें उनके पास आईं और सभी को निर्धारित मंच तक पहुंचाकर निस्तारण कराने का प्रयास किया गया।
जेल और बाल सुधार गृह की हालत चिंतनीय
jail
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डॉ. लेनिन ने बताया कि मानवाधिकार हनन के मामले में जिला व सेंट्रल जेल और बाल सुधार गृह की हालत बेहद चिंतनीय है। व्यवस्थाओं के बदतर होने के कारण ही वर्ष 2016 में जिला जेल के बंदियों ने उत्पात मचाया था।
इसके साथ ही सुविधाएं न मिलने और कर्मचारियों की मनमानी के कारण इस वर्ष रामनगर स्थित बाल सुधार गृह के किशोरों ने उपद्रव किया था। इसके साथ ही महिला और पुरुष बंदियों को जेल से पेशी पर लाए जाने के दौरान एक ही वैन का ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है, यह कहीं से नहीं है।
इंसानी अधिकारों को पहचान देने और वजूद को अस्तित्व में लाने के लिए, अधिकारों के लिए जारी हर लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस यानी यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है।
इसके साथ ही सुविधाएं न मिलने और कर्मचारियों की मनमानी के कारण इस वर्ष रामनगर स्थित बाल सुधार गृह के किशोरों ने उपद्रव किया था। इसके साथ ही महिला और पुरुष बंदियों को जेल से पेशी पर लाए जाने के दौरान एक ही वैन का ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है, यह कहीं से नहीं है।
इंसानी अधिकारों को पहचान देने और वजूद को अस्तित्व में लाने के लिए, अधिकारों के लिए जारी हर लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस यानी यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है।