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वाराणसी में मोहन भागवत: आरएसएस के सरसंघचालक ने कहा- विजय और यश में खोने की बजाय साधन बनाकर अच्छा समाज बनाएं 

Sun, 27 Mar 2022 10:28 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 27 Mar 2022 10:28 PM IST
सार

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ने कहा कि संघ पर दो बार प्रतिबंध लगा, मगर कोई भी अपने ध्येय पथ से डिगा नहीं। परिवार की ताकत की वजह से जेल जाने के बाद भी किसी ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा, हमारा आचरण, व्यवहार और रहन-सहन में हिंदुत्व का भाव दिखना चाहिए।

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Mohan Bhagwat said instead of getting lost in victory and fame, create a good society by making means
आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में कहा कि विजय और यश हमारा एक पड़ाव हो सकता है, मगर लक्ष्य नहीं है। विजय और यश में खोने की बजाय उसे साधन बनाकर अच्छा समाज बनाएं। नाम और प्रभाव वाले बहुत लोग आते हैं, मगर इससे परिवर्तन कितना हुआ और शांति के साथ देश आगे चले यह देखना होगा।

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कुटुंब प्रबोधन के स्नेह मिलन कार्यक्रम में उन्होंने कहा, जिस प्रकार का भारत बनाना है, उसका उदाहरण बनना पड़ेगा। अनुकूलता का नियम हमारे समाज में नहीं है, हमारा सिद्धांत सर्वे भवंतु सुखिन: वाला होना चाहिए। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वतंत्रता भवन में मौजूद स्वयंसेवकों से कहा कि जीत के सिकंदर तो कई बने, मगर समय के साथ गर्क में चले गए।
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जूलियर सीजर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह जीतता गया, मगर समय के साथ लोग उसे भूल गए। सरसंघचालक ने कहा कि अयोध्या में एक राजकुमार थे, उनका आचरण धर्म की मूर्ति है और वे जीतते थे, मगर उसकी चर्चा नहीं है। उनकी मर्यादा पालन की चर्चा होती है। यही कारण है कि भरत की तरह भाई और हनुमान की तरह स्वयंसेवक होने चाहिए।

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उन्होंने कहा, संघ पर दो बार प्रतिबंध लगा, मगर कोई भी अपने ध्येय पथ से डिगा नहीं। परिवार की ताकत की वजह से जेल जाने के बाद भी किसी ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा, हमारा आचरण, व्यवहार और रहन-सहन में हिंदुत्व का भाव दिखना चाहिए। स्नेह मिलन कार्यक्रम के बाद वे देर रात लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।

पुलिस की लापरवाही से भटकी फ्लीट

बीएचयू में स्वतंत्रता भवन पहुंचने से पहले पुलिस की लापरवाही से आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत की फ्लीट भटक गई। बीच सड़क पर रुककर मोहन भागवत ने गाड़ी के अंदर से ही पूछा कि किधर जाना है। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी हरकत में आए और फ्लीट को रास्ता दिखाया। देर रात एकात्मता एक्सप्रेस से लखनऊ रवाना हुए।

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