Varanasi: नगर निगम में बनेगा आधुनिक रिकॉर्ड रूम, सुरक्षित रहेंगे जमीनों के दस्तावेज, एक बटन से मिलेंगी फाइलें
नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि यह काम स्मार्ट सिटी से कराया जाएगा। अभी चूंकि आदर्श आचार संहिता है। चुनाव खत्म होने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा।
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वाराणसी नगर निगम का रिकॉर्ड रूम आधुनिक बनने जा रहा है। एक बटन दबाने से पता चल जाएगा कि किस वर्ष की फाइल कहां रखी गई है। केवल उसी फाइल का केबिन खुलेगा और फाइल निकालने के बाद वह बंद हो जाएगा। इससे फाइलों को खोजने में लगने वाले समय की बचत होगी। साथ ही फाइलों पर धूल, धुआं और प्रकाश आदि का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि यह काम स्मार्ट सिटी से कराया जाएगा। अभी चूंकि आदर्श आचार संहिता है। चुनाव खत्म होने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन ने बताया कि चुनाव बाद माड्यूलर रिकार्ड रूम बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके बनने से कम जगह में अधिक से अधिक फाइलों को रखा जा सकेगा। साथ ही ये फाइलें सुरक्षित हो जाएंगी।
नगर के संपत्तियों के अधिकतर रिकार्ड नगर निगम में हैं। इसे सुरक्षित करने की कवायद शुरू हो गई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस रूम में रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सभी उपकरण होंगे। चुनाव बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
निगम में मौजूद रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के लिए नगर निगम के पास 50 से अधिक कंप्यूटर हैं। फिलहाल रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन के कार्य को निगम के कंप्यूटर विभाग की देखरेख में किया जा रहा है। इसके बाद सारे रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया जाएगा। पुराने रिकॉर्ड को स्केन कर खोई हुई पत्रावली को पुन: बनाया जाएगा।
मिलेगी सभी सुविधाएं
रिकॉर्ड रूम बनने के साथ भू मालिकों को इधर उधर नहीं दौडना पड़ेगा। जमीन के रिकॉर्ड से संबंधित सभी कार्य एक ही जगह होंगे। इसके लिए लोगों को भटकना नहीं होगा। जिस तरह अन्य विभागों में सभी औपचारिकताएं एक ही छत के नीचे मिल रही हैं उसी तर्ज पर नगर निगम से संबंधित कार्य भी होंगे।
फायर प्रूफ होंगी अलमारियां व फाइलें
आग लगने जैसी आपदा स्थितियों में भी रिकॉर्ड सुरक्षित रहे इसके लिए जिन अलमारियों में रिकॉर्ड रखा जाएगा वे फायर प्रूफ होंगी। जिन दस्तावेजों को फाइलों में रखने की जरूरत होगी उन्हें भी वॉटर प्रूफ बनाया जाएगा।सुविधाएं देना प्राथमिकता
जल्द ही मॉडल रिकॉर्ड रूम की सुविधा लोगों को दी जाए। रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण से लोगों की दौड़भाग की समस्या खत्म होगी। लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। शीघ्र ही लोगों को हर प्रकार की सुविधाएं देंगे। -शिपू गिरि, नगर आयुक्त