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मिशन 2019: राजभर समुदाय को अपने पक्ष में करने को जुटी भाजपा, जल्द दिखेगा कुछ नया
गुंजन श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 05 Apr 2018 02:18 PM IST
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भाजपा
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भाजपा पूर्वांचल के राजभर समुदाय को अपने पक्ष में एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई है। राजभरों के जरिए पार्टी मिशन 2019 को फतह करना चाहती है। इसके लिए प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर की ओर से स्थगित की गई एक अप्रैल की अति पिछड़ा वर्ग रैली अब अप्रैल के अंतिम सप्ताह में करने की योजना बन रही है।
वाराणसी में ही किसी स्थान पर होने वाली इस रैली के मुख्य अतिथि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। अगर योजना मूर्त रूप ले पाई तो भाजपा के अनिल राजभर और बलिया से राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर के साथ-साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सहित एक दर्जन सजातीय नेता एक ही मंच पर होंगे।
पढ़ेंः मिशन 2019 : भाजपा अब इस समुदाय में पैठ बनाने में जुटी, उपचुनाव में हार ने बढ़ाई पार्टी की चिंता
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अब तक के संकेतों के मुताबिक ओमप्रकाश राजभर भाजपा के साथ विधानसभा चुनाव जैसा गठबंधन लोकसभा में भी करने के लिए तैयार हैं। वहीं भाजपा इसी बहाने राजभर समुदाय के दबदबे वाली पूर्वांचल की नौ संसदीय सीटों को लेकर निश्चिंत होना चाहती है।
सूत्रों का कहना है कि 10 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ आगमन के मद्देनजर ही एक अप्रैल की रैली स्थगित की गई है। इस दौरान शाह से ओमप्रकाश की मुलाकात में गठबंधन धर्म, अगले चुनावी गठबंधन और अनिल-ओमप्रकाश के बीच मेल-मिलाप की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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वाराणसी में ही किसी स्थान पर होने वाली इस रैली के मुख्य अतिथि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। अगर योजना मूर्त रूप ले पाई तो भाजपा के अनिल राजभर और बलिया से राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर के साथ-साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सहित एक दर्जन सजातीय नेता एक ही मंच पर होंगे।
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अब तक के संकेतों के मुताबिक ओमप्रकाश राजभर भाजपा के साथ विधानसभा चुनाव जैसा गठबंधन लोकसभा में भी करने के लिए तैयार हैं। वहीं भाजपा इसी बहाने राजभर समुदाय के दबदबे वाली पूर्वांचल की नौ संसदीय सीटों को लेकर निश्चिंत होना चाहती है।
सूत्रों का कहना है कि 10 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ आगमन के मद्देनजर ही एक अप्रैल की रैली स्थगित की गई है। इस दौरान शाह से ओमप्रकाश की मुलाकात में गठबंधन धर्म, अगले चुनावी गठबंधन और अनिल-ओमप्रकाश के बीच मेल-मिलाप की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
ओमप्रकाश राजभर की शाहपुर में सभा आठ को
ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : अमर उजाला
उधर, अपनी ताकत आंकने के लिए सुभासपा ने आठ अप्रैल को शाहपुर में सभा की तैयारी शुरू कर दी है। सभा के मुख्य वक्ता ओमप्रकाश राजभर होंगे। डेढ़ माह पूर्व यहां अनिल ने भी सभा की थी। सुभासपा के प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने कहा कि रैली की तैयारी शुरू हो गई है।
पार्टी के कार्यकर्ता सभा आयोजित कर रहे हैं। दरअसल, राजभर का राजनीतिक सफर शाहपुर से ही शुरू हुआ था। 2010 में बसपा सरकार के कार्यकाल में राजभरों के मकान ढहाए गए थे।
ओमप्रकाश राजभर ने थाने से लेकर मुख्यालय तक प्रदर्शन किया था। सुनवाई नहीं हुई तो कमिश्नर आवास का घेराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर जेल में बंद कर दिया था।
पार्टी के कार्यकर्ता सभा आयोजित कर रहे हैं। दरअसल, राजभर का राजनीतिक सफर शाहपुर से ही शुरू हुआ था। 2010 में बसपा सरकार के कार्यकाल में राजभरों के मकान ढहाए गए थे।
ओमप्रकाश राजभर ने थाने से लेकर मुख्यालय तक प्रदर्शन किया था। सुनवाई नहीं हुई तो कमिश्नर आवास का घेराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर जेल में बंद कर दिया था।