दशाश्वमेध जल पुलिस चौकी में से मिट्टी को हटा रहे नाबालिग बच्चों की वायरल फोटो की जानें सच्चाई
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हाल ही में गंगा के जलस्तर में हुए बढ़ाव से काशी के घाटों पर मिट्टी और कीचढ़ जमा हो गई है। जैसे-जैसे जलस्तर में घटाव हो रहा है, वैसे ही गंगा उस जगह मिट्टी छोड़ती जा रही है। कीचड़ और गंदगी, गंगा घाटों के साथ ही कई जगह और पुलिस चौकियों में भी इकट्ठी हो गई है। एक तस्वीर दशाश्वमेध जल पुलिस चौकी से सामने आई है, जिसमें नाबालिग बच्चे मिट्टी को हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ये तस्वीर वायरल होने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। चौकी में बच्चे मिट्टी को साफ कर रहे हैं। वहीं इस पर चौकी प्रभारी का भी बयान सामने आया है। जिसे उन्होंने इसे बिल्कुल गलत बताया है।
दशाश्वमेध जल पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि ये बच्चे मल्लाहों के हैं, जो यहां सिक्के ढूंढ रहे हैं। क्योंकि जब श्रद्धालु गंगा में पैसे चढ़ाते हैं, तो वह जलस्तर बढ़ने के साथ बहते हुए आ जाते हैं। जिस कारण बच्चे मिट्टी को हटाकर पैसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। चौकी में बच्चों से सफाई कराने जैसी कोई सच्चाई नहीं है। यह मिट्टी इतनी गीली है, कि इसे यहां से हटाया ही नहीं जा सकता है।
वहीं सब इंसपेक्टर राम समुझ ने बताया कि पुलिस चौकी से सारा सामान पहले से बाहर रख दिया था, जो बाहर और टैंट में रखा हुआ है। ये बच्चे मल्लाहों के हैं, जो पैसे खोज रहे हैं।