Varanasi News: काशी में पतंगबाजी प्रतियोगिता शुरू, मेयर और नगर आयुक्त ने उड़ाई पतंग, खूब लड़ाए पेंच
Varanasi News: वाराणसी में सोमवार को पतंगबाजी प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। इस दौरान मेयर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पतंग उड़ाई।
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मेयर और नगर आयुक्त ने खुद चरखी थामी और पतंग की डोर थामकर पेच लड़ाने मैदान में उतरे। दोनों के बीच हुए कड़े मुकाबले में मेयर के दांव भारी पड़े और देखते ही देखते नगर आयुक्त की पतंग कटकर हवा में गोते खाने लगी। जैसे ही नगर आयुक्त की पतंग कटी, पूरा गंगा पार भक्काटे की गूंज से भर उठा। प्रतियोगिता के पहले दिन परंपरा, स्वाद और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। धूप के बीच आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पट गया। रेती पर काशी के खान-पान की खुशबू भी बिखरी रही।
मेयर बोले... रील की दुनिया से निकलकर खेल के मैदान में आएं युवा
मेयर ने कहा कि काशी में पतंगबाजी सदियों पुरानी परंपरा है। एक दौर था, जब मकर संक्रांति से एक माह पूर्व ही हर घर की छत से “भक्काटे” की आवाजें सुनाई देने लगती थीं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “आजकल के युवा सोशल मीडिया और रील बनाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे अपने पारंपरिक खेलों को भूलते जा रहे हैं। हम इस परंपरा को मरने नहीं देंगे।”
अगले साल काशी में होगा पतंगबाजी का महाकुंभ
मेयर ने घोषणा की कि 2027 में पतंगबाजी का महाकुंभ काशी में होगा। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता में देश भर से टीमों को बुलाया जाएगा। प्रतियोगिता को राष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा। इसमें देश भर के पतंगबाजों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा। अगले साल पुरस्कार राशि भी ऐतिहासिक होगी। प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 2.51 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 1.51 लाख रुपये दिए जाएंगे।
काशी की पतंगबाजी बिना जायके के अधूरी है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों और मेहमानों के लिए बनारसी कचौड़ी और गरमा-गरम जलेबी के नाश्ते का विशेष प्रबंध किया गया था। रेती पर एक ओर पेच लड़े जा रहे थे, तो दूसरी ओर लोग कचौड़ी-जलेबी का आनंद लेते हुए अपनी टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे।
इनकी रही मौजूदगी
प्रतियोगिता के दौरान पार्षदों में सुरेश कुमार चौरसिया, प्रवीण राय, चंद्रनाथ मुखर्जी, राजेश यादव चल्लू, विवेक कुशवाहा, सिंधु सोनकर, संजय गुजराती, कनक लता मिश्रा, मदन मोहन दुबे, सीमा वर्मा, विजय द्विवेदी सहित अन्य पार्षदों के अलावा अपर नगर आयुक्त सविता यादव सहित निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।
गंगा पार पतंगबाजी के आसमानी युद्ध में 16 टीमें भिड़ीं। पतंग प्रतियोगिता के पहले दिन 8 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, जिनके बीच हुई भिड़ंत के बाद चार टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। इनमें बनारस काइट क्लब, फायर काइट क्लब, एयर लाइन्स काइट क्लब और स्काई लाइन काइट क्लब शामिल हैं। मंगलवार को गंगा पार होने वाले खिताबी मुकाबले में ये चारों टीमें एक-दूसरे को चुनौती देंगी।
इन मुकाबलों के बाद होने वाले फाइनल में विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 21 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 11 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के पहले दौर में कुल आठ मैच खेले गए, जिसमें खिलाड़ियों ने हवा के रुख को भांपते हुए कड़े पेच लड़ाए। शुरुआती भिड़ंत में फिफ्टी-फिफ्टी काशी काइट क्लब, बाजीगर काइट क्लब, फायर काइट क्लब, ट्रिपल ए काइट क्लब, वाराणसी काइट कल्चर, मां संकट मोचन, इंटरनेशनल काइट क्लब और दीप काइट क्लब ने अपने-अपने मैच जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया।
क्वार्टर फाइनल में आठ टीमों के बीच चार मैच हुए
क्वार्टर फाइनल चरण में रोमांच दोगुना हो गया। यहां आठ टीमों के बीच चार नॉकआउट मुकाबले हुए। फिफ्टी-फिफ्टी काशी बनाम फायर काइट क्लब: फायर काइट क्लब ने अपने आक्रामक तेवरों से विपक्षी पतंग को आसमान में ही काट दिया। बनारस काइट क्लब बनाम रॉयल काइट क्लब: मेजबान बनारस काइट क्लब ने रॉयल टीम को मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई। फ्रीडम काइट क्लब बनाम स्काई लाइन काइट क्लब के बीच हुए मुकाबले में तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए स्काई लाइन ने मैच जीता। बाजीगर काइट क्लब बनाम एयर लाइन्स काइट क्लब: हवा की गति का लाभ उठाते हुए एयर लाइन्स ने बाजी मारी।
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