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बनारस में खुला मास्टर शेफ संजीव कपूर का रेस्टोरेंट, कहा- इसी शहर से शुरू किया था करियर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:27 PM IST
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शेफ संजीव कपूर को पसंद है काशी की कचौड़ी सब्जी और ठंडई
- फोटो : अमर उजाला
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अपना करियर वाराणसी से शुरू किया था। एक बार फिर वाराणसी आने का मौका मिला। अगर अपनी फेवरेट, विशेष मेन्यू बनाऊंगा तो उसमें काशी की कचौड़ी सब्जी, ठंडई को जरूर शामिल करना चाहूंगा। यह बात शुक्रवार को शेफ संजीव कपूर ने शुक्रवार को महमूरगंज में अपनी फूड चेन दि येलो चिली से जुडे़ 70वें रेस्टोरेंट का शुभारंभ करने के दौरान कहा।
संजीव कपूर ने बताया कि काशी आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। काशी की ही तरह यहां का खानपान भी बहुत अनोखा है। जरूरत है इसके प्रमोशन की। अगर मौका मिला तो इसका प्रमोशन करना चाहूंगा। प्रवासी भारतीय व कुंभ के दौरान बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए कुछ खास बनाने व परोसने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर जिम्मेदारी दी गई तो इसका हिस्सा जरूर बनूंगा।
बनारस से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। दि येलो चिली में मीठे के लिए परोसी जाने वाली खास गुलाबजामुन में गुलकंद का प्रयोग उन्होंने काशी के स्वाद को ध्यान में रखकर ही किया। 1985 में वारणसी के एक होटल में काम करने से जुड़ी यादों को भी उन्होंने साझा किया और दिसंबर में एक बार फिर आने का वायदा किया।
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संजीव कपूर ने बताया कि काशी आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। काशी की ही तरह यहां का खानपान भी बहुत अनोखा है। जरूरत है इसके प्रमोशन की। अगर मौका मिला तो इसका प्रमोशन करना चाहूंगा। प्रवासी भारतीय व कुंभ के दौरान बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए कुछ खास बनाने व परोसने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर जिम्मेदारी दी गई तो इसका हिस्सा जरूर बनूंगा।
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बनारस से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। दि येलो चिली में मीठे के लिए परोसी जाने वाली खास गुलाबजामुन में गुलकंद का प्रयोग उन्होंने काशी के स्वाद को ध्यान में रखकर ही किया। 1985 में वारणसी के एक होटल में काम करने से जुड़ी यादों को भी उन्होंने साझा किया और दिसंबर में एक बार फिर आने का वायदा किया।
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