पूर्वांचल में बारिश ने ढाया कहर, कई मकान जमींदोज, तीन बच्चों समेत छह की गई जान
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देर से आए मानसून ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पूर्वांचल के आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, वाराणसी और देवरिया जिलों में लगातार बारिश से गुरुवार को दर्जनों कच्चे मकान, दीवार, पेड़, बिजली के खंभे और तार गिर गए। इनसे हुए हादसों में दो महिलाओं समेत तीन की मौत हो गई। वहीं बारिश से लबालब भरे गड्ढे में डूबने से देवरिया में भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाने के कुकुरसंडा गांव में गुरुवार सुबह कच्चे मकान की दीवार गिरने से 65 वर्षीय तकदीर अली, जौनपुर में खेतासराय के मनेछा गांव में मकान ढहने से अमरावती (55) और चंदौली के शाहपुर गांव में कच्चा मकान गिरने से सविता (23) की मौत हो गई।
वाराणसी, बलिया, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर और चंदौली में तेज हवा के साथ बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे तथा तार टूट गए। इससे बिजली गुल हो गई और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इन जिलों में दर्जनों कच्चे मकान भी ढह गए। जौनपुर में सबसे ज्यादा 31 मकान धराशाई हुए हैं। इस बीच वाराणसी में गंगा का जलस्तर दो सेमी प्रति घंटे बढ़ रहा है।
उधर, देवरिया के सलेमपुर क्षेत्र में नदावर घाट गांव के विजय प्रसाद का पुत्र बलवीर (10) गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र था। वह अपनी बहन नव्या (6) और राजा प्रताप के पुत्र आयुष (7) सहित अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलने के दौरान देखते ही देखते बलवीर, आयुष और नव्या गड्ढे में गिर गए और तीनों की मौत हो गई।