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BHU में मालिनी अवस्थी की नई पारी शुरु, नहीं लेंगी वेतन के 60 लाख रुपए
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:18 PM IST
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मालिनी अवस्थी
- फोटो : file photo
पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने बीएचयू में बतौर चेयर प्रोफेसर नई पारी शुरु की। उन्होंने महामना की तपोभूमि में स्थित भारत अध्ययन केंद्र में प्रथम शताब्दी पीठ प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल हुआ है। इस पर वह 5 साल तक रहेंगी।
वह इस पद के लिए कोई वेतन नहीं लेंगी। उन्होंने ज्वाइनिंग करते ही बीएचयू को पूरे कार्यकाल का वेतन अग्रिम रूप से दान कर दिया। चेयर प्रोफेसर के बदले उन्हें एक लाख रुपये महीने का वेतन मिलना था।
इस प्रकार पूरा 60 लाख रुपये उन्होंने महामना की बगिया में कुसुम की मानिंद पुष्पित-पल्लवित होने वालीं बेटियों के हित में दान किया है। इस धनराशि से लोककला में उल्लेखनीय कार्य करने वाली बीएचयू की बेटियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। ताकि वे जिंदगी की कैनवास में मनचाहे रंग भर सकें।
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बेटियों को अपने सपने पूरा करने की राह में आर्थिक रोड़े न झेलने पड़ें। मालिनी अवस्थी का कहना है कि पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने दान के पैसे से बीएचयू की स्थापना की थी। इसलिए मैं विवि से मैं धन नहीं ले सकती। विश्वविद्यालय से जुड़ना ही मेरे लिए बड़ी बात है। मैं बीएचयू को पूरा योगदान दूँगी।
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वह इस पद के लिए कोई वेतन नहीं लेंगी। उन्होंने ज्वाइनिंग करते ही बीएचयू को पूरे कार्यकाल का वेतन अग्रिम रूप से दान कर दिया। चेयर प्रोफेसर के बदले उन्हें एक लाख रुपये महीने का वेतन मिलना था।
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इस प्रकार पूरा 60 लाख रुपये उन्होंने महामना की बगिया में कुसुम की मानिंद पुष्पित-पल्लवित होने वालीं बेटियों के हित में दान किया है। इस धनराशि से लोककला में उल्लेखनीय कार्य करने वाली बीएचयू की बेटियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। ताकि वे जिंदगी की कैनवास में मनचाहे रंग भर सकें।
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बेटियों को अपने सपने पूरा करने की राह में आर्थिक रोड़े न झेलने पड़ें। मालिनी अवस्थी का कहना है कि पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने दान के पैसे से बीएचयू की स्थापना की थी। इसलिए मैं विवि से मैं धन नहीं ले सकती। विश्वविद्यालय से जुड़ना ही मेरे लिए बड़ी बात है। मैं बीएचयू को पूरा योगदान दूँगी।