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महाकवि जयशंकर प्रसाद की पांडुलिपियों को लेकर उनके वंशजों में मची रार
amarujala.com, written by- पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Wed, 09 Aug 2017 10:36 AM IST
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जयशंकर प्रसाद के वंशजों ने एसएसपी से की शिकायत
- फोटो : file photo
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छायावाद के चार स्तंभों में से एक महाकवि जयशंकर प्रसाद के महाकाव्य ‘कामायनी’ सहित आठ-दस अन्य प्रमुख साहित्यिक कृतियों की पांडुलिपियों को लेकर उनके वंशजों में रार मच गई है। आरोप है कि जयशंकर प्रसाद की हस्तलिखित पांडुलिपियां और उनके कुछ अन्य सामान गायब हो गए हैं।
इसे लेकर प्रसाद के वंशजों की आपसी खींचतान घर में सुलझ नहीं पाई और मामला एसएसपी तक पहुंच गया है। एसएसपी ने मामले की जांच थानाध्यक्ष चेतगंज को सौंपी है।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार को यदि प्रसाद जी की पांडुलिपियां और अन्य कीमती सामान चेतगंज पुलिस के सामने नहीं प्रस्तुत किए गए तो इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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जयशंकर प्रसाद के इकलौते पुत्र रत्न शंकर प्रसाद के पौत्र और अन्य परिवारीजनों की ओर से भेजा गया रजिस्टर्ड शिकायती पत्र गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि परिवार के एक सदस्य ने ‘कामायनी’ सहित प्रसाद की अन्य प्रमुख साहित्यिक कृतियों की पांडुलिपियां और अन्य सामान को देखरेख के बहाने चुरा लिया है।
जब भी पांडुलिपियों और सामान का जिक्र आता है तो यह सदस्य कहता है कि सब कुछ नई दिल्ली में सुरक्षित रखा हुआ है। इसे दिखाने के लिए कई बार कहा गया पर किसी को दिखाया नहीं गया।
सभी को आशंका है कि पांडुलिपियां और अन्य सामान या तो चोरी हो गए हैं या फिर उन्हें बेच दिया गया है। जयशंकर प्रसाद का जन्म चेतगंज थाना क्षेत्र के सराय गोवर्धन में 30 जनवरी,1890 को और निधन 15 नवंबर, 1937 को हुआ था।
इस संबंध में चेतगंज के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि एसएसपी कार्यालय से मिले निर्देश के अनुसार प्रसाद जी के वंशजों को बुलाया गया था। उनसे कहा गया है कि मंगलवार को वे पांडुलिपियां और सामान प्रस्तुत किए जाएं जिन्हें लेकर तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है।
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इसे लेकर प्रसाद के वंशजों की आपसी खींचतान घर में सुलझ नहीं पाई और मामला एसएसपी तक पहुंच गया है। एसएसपी ने मामले की जांच थानाध्यक्ष चेतगंज को सौंपी है।
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पुलिस के मुताबिक मंगलवार को यदि प्रसाद जी की पांडुलिपियां और अन्य कीमती सामान चेतगंज पुलिस के सामने नहीं प्रस्तुत किए गए तो इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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जयशंकर प्रसाद के इकलौते पुत्र रत्न शंकर प्रसाद के पौत्र और अन्य परिवारीजनों की ओर से भेजा गया रजिस्टर्ड शिकायती पत्र गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि परिवार के एक सदस्य ने ‘कामायनी’ सहित प्रसाद की अन्य प्रमुख साहित्यिक कृतियों की पांडुलिपियां और अन्य सामान को देखरेख के बहाने चुरा लिया है।
जब भी पांडुलिपियों और सामान का जिक्र आता है तो यह सदस्य कहता है कि सब कुछ नई दिल्ली में सुरक्षित रखा हुआ है। इसे दिखाने के लिए कई बार कहा गया पर किसी को दिखाया नहीं गया।
सभी को आशंका है कि पांडुलिपियां और अन्य सामान या तो चोरी हो गए हैं या फिर उन्हें बेच दिया गया है। जयशंकर प्रसाद का जन्म चेतगंज थाना क्षेत्र के सराय गोवर्धन में 30 जनवरी,1890 को और निधन 15 नवंबर, 1937 को हुआ था।
इस संबंध में चेतगंज के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि एसएसपी कार्यालय से मिले निर्देश के अनुसार प्रसाद जी के वंशजों को बुलाया गया था। उनसे कहा गया है कि मंगलवार को वे पांडुलिपियां और सामान प्रस्तुत किए जाएं जिन्हें लेकर तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है।