महाशिवरात्रि: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कसी कमर, बिना पंजीकरण नहीं चलेंगी नावें, नहीं माने तो सीज होंगी
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि को लेकर काशी में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कमर कस लिया है। इसे लेकर बैठक की गई। जिसमें अपर पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि गंगा में केवल वैध पंजीकृत और लाइसेंसधारी नाविक ही नाव चलाएंगे।
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Varanasi News: महाशिवरात्रि पर भीड़, शिव बारात और गंगा घाट जल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था और मुख्यालय शिवहरी मीणा ने शुक्रवार को नाविकों, मांझी समाज समेत संगठनों के साथ बैठक की। अपर पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि गंगा में केवल वैध पंजीकृत और लाइसेंसधारी नाविक ही नाव चलाएंगे।
अवैध नावों को सीज किया जाएगा। हर नाव पर पंजीकरण संख्या दर्ज होगी और निरीक्षण के समय प्रपत्र दिखाना होगा। निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बिठाने पर प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
हर यात्री को लाइफ जैकेट देने और पहनाना अनिवार्य होगा। प्रमुख घाटों पर प्रवेश और निकास के मार्ग अलग होंगे। घाटों पर सुरक्षित और असुरक्षित स्नान क्षेत्र का स्पष्ट चिह्नांकन किया जाएगा। गहरे जल क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
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भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश लागू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। रेस्क्यू बोट निरंतर सक्रिय रहेंगी। घाट क्षेत्र में अनधिकृत स्टॉल, अतिक्रमण या अवरोध मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि शिव बारात केवल प्रशासन से स्वीकृत मार्ग और निर्धारित समयावधि में निकाली जाएगी। बिना अनुमति मार्ग परिवर्तन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिना सूचना कार्यक्रम करना दंडनीय होगा। जुलूस में शामिल वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी, अव्यवस्थित, अनियंत्रित या खतरनाक प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
आतिशबाजी केवल अनुमति प्राप्त स्थल और सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जाएगी। ज्वलनशील सामग्री खुले में नहीं रखी जाएगी। आयोजक प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैनात करेंगे, सभी स्वयंसेवक पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस कोड धारण करेंगे। लाउडस्पीकर/डीजे का प्रयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से किया जाएगा। खतरनाक साउंड सिस्टम नहीं लगाया जाएगा।