फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Lucknow potato dumping connection to varanasi

लखनऊ 'आलू कांड' का सामने आया बनारस कनेक्शन, रची गई थी बड़ी साजिश 

Tue, 16 Jan 2018 10:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 16 Jan 2018 10:29 AM IST
विज्ञापन
Lucknow potato dumping connection to varanasi
वाराणसी में ‌व‌िधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आरोपी अन्य ‌म‌ित्रों के साथ - फोटो : file photo
लखनऊ में विधानसभा के सामने आलू फेंकने वालों का वाराणसी कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में तीन लोग इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं, वे वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय के सामने भी आलू फेंकने की योजना बना रहे थे।
विज्ञापन


सुर्खियों में आने के लिए एक स्थानीय पूर्व मंत्री की अगुआई में ये तीनों लोग इसे यहां आकर अंजाम देना चाहते थे। तीनों की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मंत्री अपने साथी समेत दो दिन पहले मुंबई जा चुके हैं। उनके अन्य समर्थक जांच की आंच से बचने के लिए लखनऊ में अपने आकाओं के यहां शरण लिए हुए हैं।
विज्ञापन


लखनऊ पुलिस ने आलू फेंकने के मामले का खुलासा करते हुए जिन शिवेंद्र चौहान कुक्कू, जय कुमार तिवारी और कन्नौज जिला पंचायत अध्यक्ष के पति संजू कटियार को आरोपी बनाया है, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान बनारस की जिम्मेदारी सौंपी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

40 करोड़ रुपये का मिला था काम

Lucknow potato dumping connection to varanasi
आलू कांड के अारोपी - फोटो : file photo
अखिलेश ने पत्र जारी कर उन्हें सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों का प्रचार करने को कहा था। अखिलेश के निजी सचिव गजेंद्र यादव के साथ ये लोग सारनाथ स्थित राही पर्यटन गृह में रुके थे। यहां रुककर इन्होंने प्रचार भी किया था। बाद में ये तीनों लोग पिछले महीने भी यहां आए थे।

अब तक की जांच में ही पता चला है कि सपा सरकार में अखिलेश परिवार से नजदीकी के कारण इन नेताओं की कंपनी को वाराणसी-बाबतपुर मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये का काम मिला था।

इन तीनों में से एक का भाई अभी भी बनारस में है। वहीं, इस बारे में सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव का दावा है कि इन तीनों को विधानसभा चुनाव के दौरान वाराणसी में प्रचार की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed