काशी में विराजते हैं महादेव के बड़े भाई, भगवान राम के पूर्वज राजा ने की थी पृथ्वीश्वर महादेव की स्थापना
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कण-कण शंकर की नगरी काशी अद्भुत है। शिवमय काशी का स्वरूप भी शिव की तरह ही है। मोक्ष देने वाला, दुख हरने वाला, शांति देने वाला और सुख बरसाने वाला।
पंचक्रोशी मार्ग पर शिव के मंदिरों का अपना अलग ही महत्व है। काशी में भगवान शिव के बड़े भाई पृथ्वीश्वर महादेव विराजते हैं। बाबा पृथ्वीश्वर महादेव जी का मंदिर खजूरी में स्थित है।
मंदिर के पुजारी माता प्रसाद मिश्र का का कहना है कि पृथ्वीश्वर महादेव की स्थापना हजारों वर्ष पूर्व भगवान राम के पूर्वज राजा पृथु ने की थी। भगवान भोलेनाथ ने जब पंचक्रोशी यात्रा शुरू की थी तो बाबा पृथ्वीश्वर महादेव का दर्शन कर उन्हें अपना बड़ा भाई माना था। इसका वर्णन काशी खंड में धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज द्वारा किया गया है। यह मंदिर पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग में स्थित है।
मंदिर में पृथ्वीश्वर महादेव का शिवलिंग विराजित है। इसके अलावा रामजानकी का मंदिर, हनुमान जी, मां विंध्यवासिनी, मां काली, मां शीतला के विग्रह भी मौजूद हैं। बाबा पृथ्वीश्वर महादेव शृंगार सेवा समिति के संयोजन मनीष चौबे ने बताया कि हर वर्ष श्रावण माह में अंतिम सोमवार को बाबा का भव्य हरियाली हिम व रुद्राक्ष शृंगार किया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि बाबा के दर्शन मात्र से ही समस्त शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्तों की सारी मनोकामना बाबा के आशीर्वाद से पूर्ण होती है।