चुनावी प्रचार के आखिरी दिन बिगड़े ओमप्रकाश राजभर के बोल, चुनावी सभा में तोड़ दी भाषा की मर्यादा
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भाजपा से अलग होने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले पार्टी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। साथ ही अपने भड़काऊ भाषण में कार्यकर्ताओं को उकसाया भी है।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सातवें चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मंच से खुलेआम भाजपा के खिलाफ गाली-गलौच की। उन्होंने भाजपाइयों को जूते मारने का एलान ही नहीं किया, बल्कि भाषा की मर्यादा लांघते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने से भी गुरेज नहीं किया।
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लोकसभा चुनाव के बीच भाजपा के साथ सीट बंटवारे पर बात न बनने पर मंत्री पद से इस्तीफा देने का दावा करने वाले राजभर के सामने आए वीडियो में वह भाषा के निम्न स्तर तक पहुंच गए। शुक्रवार को मऊ जिले की एक चुनावी जनसभा के इस वीडियो में उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उकसाने के लिए ऐसी कई बातें बोली हैं, जिन्हें लिखा नहीं जा सकता है।
ओम प्रकाश राजभर ने दिया ये बयान
ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा के साथ गठबंधन पर सवाल खड़े किए और पहले भाजपाइयों के खिलाफ कार्यकर्ताओं में जोश भरा और फिर 10 जूता मारने की बात करते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन कर लड़ी सुभासपा ने पूर्वांचल सहित प्रदेश की करीब तीन दर्जन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के सामने आक्रामक रुख के तौर पर उनकी बदजुबानी जब-तब सामने आती रही है।