मंत्री पद से बर्खास्त करने पर जानें क्या बोले ओम प्रकाश राजभर?
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लोकसभा चुनाव में भाजपा से बगावत और तल्ख टिप्पणियां करना सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और काबीना मंत्री ओमप्रकाश राजभर को महंगा पड़ गया। उन्होंने बगावत के बाद जिस तरह से भाजपा विरोध तेवर अपनाया था, उससे यह आशंका जताई जा रही थी कि भाजपा उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर राज्यपाल ने ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया। साथ ही उनके सहयोगियों को दिए गए महत्वपूर्ण पदों को भाजपा सरकार ने छीन लिया है।
हालांकि इस कार्रवाई पर पलटवार करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि यह तो होना ही था। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी को पांच सीटें देने और अपनी पार्टी के चिह्न पर चुनाव लड़ने पर अड़े थे।
ऐसा ना होने पर उन्होंने भाजपा गठबंधन में बगावती तेवर अपना लिया था। उन्हें मनाने के लिए भाजपा की प्रदेश सरकार ने मार्च में ओमप्रकाश के बेटे समेत उनके कई सहयोगियों को प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण निगमों की बागडोर सौंपी थी।
इसके बाद भी उन्होंने अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई की। बर्खास्त होने वालों में ओमप्रकाश के सहयोगियों में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में गंगा राम राजभर, वीरेंद्र राजभर, पशुधन विकास परिषद के सदस्य सुदामा, सूक्ष्म और लघु विकास निगम के अध्यक्ष अरविंद राजभर, बीज निगम अध्यक्ष राणा अजीत, एकीकरण परिषद के सदस्य सुनील अर्कवंशी और राधिका पटेल शामिल हैं।
उधर, अपनी बर्खास्तगी पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह तो होना ही था। भाजपा की ओर से उनके संगठन को कोई सम्मान नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आवाज उठाना भाजपा को नागवार गुजरा। कहा कि मैं पिछड़ा वर्ग के लिए संघर्षरत था और आगे भी रहूंगा।
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मालूम हो है कि सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के प्रति भाजपा की नाराजगी उस समय तय हो गई जब बेल्थरारोड के सकलदीप राजभर को राज्यसभा सांसद बना दिया गया था। इस बीच ओमप्रकाश को भी लगने लगा था कि अपनी ही बिरादरी के बीच उनकी साख कम करने की यह भाजपा की चाल है।
इसके बाद से ही ओमप्रकाश ने आरक्षण का मामला उठा दिया और मंच से भाजपा पर जुबानी हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। इसके बाद शुरू हुआ आमचुनाव का दौर और इसमें भाजपा को लोकसभा चुनाव में जितनी मुश्किल विपक्ष से नहीं हुई उससे ज्यादा टीस सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दे दी।
पूर्वांचल में अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का भाजपा से रिश्ता बिगड़ने के बाद पूर्वांचल में सुभासपा नए सिरे से सियासी समीकरणों में जुट गई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं में भाजपा के खिलाफ रोष है लिहाजा पार्टी आने वाले समय में भाजपा के खिलाफ पूर्वांचल में मोर्चा खोलेगी।