लॉकडाउन-3.0: अर्थव्यवस्था तो सुधरेगी लेकिन जनव्यवस्था के लिए घातक होगी शराब की बिक्री
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कोरोना महामारी के खिलाफ जंग को लॉकडाउन ने जिस तरह प्रभावी बनाया था। उसे सरकार द्वारा शराब की बिक्री की खुली छूट देकर सारे किए कराए पर पानी फेर दिया गया। यह और बात है कि मदिरा की बिक्री से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की आय हो रही है, लेकिन इससे आम आदमी की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। इतना ही नहीं लॉकडाउन के कारण ठप हुए रोजगार से मध्यम वर्ग के परिवारों में उपजी विषमता में शराब की बिक्री ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे उनमें पारिवारिक कलह भी उत्पन्न हो गई है।
हालांकि देश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन जान है तो जहान है। जिस तरह से शराब की दुकानों पर अनियंत्रित भीड़ लग रही है और सामाजिक दूरी का पालन किए बिना लोग बेधड़क शराब खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं, क्या इसका असर कोरोना के खिलाफ जंग पर नहीं पड़ेगा, यह यक्ष प्रश्न है।
इसी बीच जनकल्याण समिति, पूर के संयोजक खालिद अख्तर और अध्यक्ष सविंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग कमजोर ना पड़े।
पर्यावरणविद् डॉ. गणेश पाठक ने बताया कि शराब बिक्री की खुली छूट से जहां कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग में देश पिछड़ जाएगा। साथ शराब सामाजिक विषमता को उत्पन्न करेगी। इस लिए लॉकडाउन प्रथम व द्वितीय चरण में सरकार द्वारा लागू व्यवस्था ठीक थी। सरकार को शराब बिक्री के अपने निर्णय पर पुर्नविचार करना चाहिए।
चिकित्सक डॉ बद्रीराज यादव ने कहा कि शराब की बिक्री से कोरोना के संक्रमण का खतरा निश्चित तौर पर बढ़ेगा। दूसरी बात यह कि मध्यम एवं गरीब वर्ग के सामने खाने के भी लाले पड़ेंगें और परिवार में कलह होगी, जो लॉकडाउन के अनुपालन में बाधक बनेगी। प्रदेश सरकार को वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए शराब की बिक्री पर पाबंदी लगानी चाहिए।
सपा के जिला मीडिया प्रभारी सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन में ही शराब की बिक्री की अनुमति देना हास्यास्पद एवं आश्चर्यचकित करने वाला है। इस विकट परिस्थिति में जब देश कोविड-19 जैसी महामारी से लड़ रहा है। देश के नागरिक सरकार के हर निर्देशों का पालन ईमानदारी से कर रहे है। ऐसे में शराब की बिक्री कोरोना के खिलाफ जंग को कमजोर करने सरीखा है।
शिक्षक सीमा कहती हैं कि पिछले दो दिनों से शराब की बिक्री शुरू होने से जो तस्वीरें उभर कर समाने आई हैं, उसने विचलित किया है और यह अहसास करा रही हैं कि जिस लड़ाई में हम पूरी दुनिया में आगे हैं अब कहीं पिछड़ न जाए। जब कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक शराब की बिक्री प्रतिबंधित करनी चाहिए।