लॉकडाउन: लखनऊ से पैदल चलकर दो दिन बाद पहुंचे वाराणसी, अब जाएंगे पटना
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लॉकडाउन के कारण वाहनों के न चलने से दिहाड़ी मजदूर शहरों से अभी भी गांव की ओर पैदल आ रहे हैं। शनिवार को सुबह 9 बजे करीब 20 से 25 लोग वाराणसी पहुंचे हैं, ये लोग अब आगे बिहार जाएंगे। सभी लोग लखनऊ से आए हैं।
आज सुबह सारनाथ क्षेत्र में लगभग 20 से 25 लोग पैदल पहुंचे, जिनके हाथों में बड़े-बड़े झोले सिर पर गट्ठर दिखा। पूछने पर पता चला कि ये सब लखनऊ से पटना जा रहे हैं। दो दिनों से लगातार लखनऊ से चलकर आज वह बनारस पहुंचे। और यहीं से पैदल अपने गृह जनपद पटना को जाएंगे।
शेख मोहम्मद, मोहम्मद मुकर्रम, अब्दुल, मोहम्मद सलाम, मोहम्मद मुजाहिद सहित 25 लोग पैदल ही लखनऊ के आलमबाग से पैदल पटना के लिए निकल पड़े हैं, जिसमें एक 9 साल का बच्चा मोहम्मद शमशेर भी शामिल था।
अब्दुल ने बताया कि हम वहां पर मजदूरी करते हैं, हमारा ठेकेदार आजमगढ़ का निवासी हरुल्ला है, जो हमें दिहाड़ी पर काम पर लगाया था। लॉकडाउन के वजह से वह हमें कार्यस्थल पर छोड़कर भाग गया, और हम सब का मजदूरी भी उसी के पास है।
फोन करने पर फोन नहीं उठाता है। खाने पीने की कमी की वजह से हम सब ने फैसला किया कि पैदल ही हम अपने घर पटना के लिए निकलेंगे। हम बीते 26 तारीख के सुबह 6 बजे से ही आलमबाग लखनऊ से पैदल निकल गए और आज सारनाथ के आशापुर चौराहे पर पहुंचे और यहीं से बलुआ पुल पार करके पटना जाएंगे। पैसा पास ना होने से हम सब भूखे हैं। बस अब यह आस है कि किसी तरह हम अपने घर पहुंच जाएं।