देवालय-विद्यालय और मदिरालय: काशी में नियम दरकिनार, स्कूल से 50 मीटर, मंदिर की दीवार से सटी हैं शराब की दुकानें
महादेव की काशी में नियमों को दरकिनार कर स्कूल और मंदिरों के पास धड़ल्ले से शराब की दुकानें चल रही हैं। शहर में 20 से ज्यादा शराब की दुकानें स्कूल के सामने हैं। वहीं 25 दुकानें मंदिर से सटी या बिल्कुल बगल में हैं। हैरान करने वाली बात तो ये है कि इन पर न अधिकारी गंभीर हुए न जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई की।
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विस्तार
दुनिया के सबसे ज्यादा मंदिरों वाले शहर काशी में मदिरा (शराब) की दुकानें आबकारी नियमों को भी ठेंगा दिखा रही हैं। कही मंदिर की दीवार से सटी शराब की दुकानें खुली हैं तो कहीं स्कूल से 50 मीटर से भी कम दूरी पर खुली दुकानें नियमों को धता बता रही हैं। शराब की दुकानों को खोलने में आबकारी विभाग की ऐसी लापरवाही समझ से परे है।
स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के आसपास शराब ठेकों के संचालन पर न तो आबकारी अधिकारी गंभीर हुए न ही जिला प्रशासन ने कभी कोई कार्रवाई की। जबकि आबकारी सेक्टर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर खुले इन मदिरालय के आसपास शराबियों का हुड़दंग होता ही रहता है।
कमच्छा-भेलूपुर रोड, शिवपुर, लंका-सामनेघाट मार्ग, पिपलानी कटरा-कबीरचौरा मार्ग, तेलियाबाग आदि क्षेत्रों में मंदिरों और विद्यालयों से सटकर अंग्रेजी, देसी शराब और बीयर की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों को लेकर बनाए गए नियम कानून सब ताक पर रख दिए गए हैं। सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि स्कूल, कॉलेज और मंदिरों से सटकर शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। आबकारी नियमों के मुताबिक शराब ठेकों के लगभग 50 मीटर के दायरे में स्कूल, कॉलेज, मंदिर या अन्य कोई धर्मस्थल नहीं होना चाहिए।
कुछ इस तहर है काशी में शराब की दुकानों का हाल
दृश्य- एक
लंका-सामनेघाट मार्ग स्थित हेरिटेज मोड़ के पास ही शिव और हनुमान मंदिर हैं। मंदिर परिसर की दीवार से सटकर देसी शराब का ठेका खोला गया है। बगल में गर्ल्स हॉस्टल भी संचालित होता है। यहां छात्राओं के साथ ही मंदिर आवाजाही करने वाली महिलाओं से नशेड़ी अभद्रता भी करते हैं।
दृश्य- दो
कमच्छा-भेलूपुर मार्ग पर सीएम एंग्लो बंगाली इंटर काॅलेज से महज 20 कदम की दूरी पर शिव मंदिर है। मंदिर के पास ही अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान खुली है। स्कूल, मंदिर के पास संचालित इस ठेके के चलते शराबियों का अक्सर जमावड़ा रहता है।
दृश्य-तीन
सामनेघाट मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के ठीक सामने अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें हैं। शाम ढलते ही सड़क किनारे चार पहिया और ऑटो रिक्शा लगाकर शराब पीने और पिलाने का दौर शुरू होता है। आसपास इलाकों में नशे में शराबी उत्पात भी मचाते हैं।
दृश्य-चार
तेलियाबाग स्थित चौरा माता मंदिर के सामने अंग्रेजी शराब की दुकान है। बगल में मेडिकल स्टोर और कुछ ही दूरी पर धर्मस्थल भी है। इस दुकान के बाहर भी ऑटो, ई-रिक्शा में बैठकर शराब का सेवन किया जाता है। कुछ ही दूरी पर आगे बढ़े तो कैलगढ़ काॅलोनी मोड़ पर ही बीयर का ठेका है। ठीक बगल में हनुमान मंदिर भी है। सामने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय है।
मुनादी और नोटिस, 50 मीटर का दायरा भी भूले
किसी भी क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने से पहले मुनादी करवाना और नोटिस चस्पा कराना अनिवार्य होता है। यदि क्षेत्र की जनता विरोध करती है तो वहां दुकानें नहीं खोली जा सकती। बीयर-शराब की दुकान के 50 मीटर के दायरे मंदिर या अन्य कोई भी धर्मस्थल नहीं होना चाहिए। स्कूल नहीं हाेना चाहिए। सेक्टर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर दुकानों के खोले जाने की अनुमति जिला आबकारी अधिकारी देते हैं।
हाईवे किनारे होटल और ढाबों में छलकता है जाम
हाईवे से लेकर रिंग रोड किनारे के होटलों, ढाबों पर अवैध तरीके से शराब पिलाई जाती है। शहर के अंदर भी कई होटल, गेस्ट हाउस ऐसे हैं जो बिना बार लाइसेंस के मयखाना चलवा रहे हैं। आबकारी के सेक्टर इंस्पेक्टर को भरोसे में लेकर यह कृत्य चल रहा है। सुंदरपुर मार्ग पर दो से तीन होटलों में जिनके पास लाइसेंस नहीं है वह भी चोरी छिपे शराब व बीयर पिला रहे हैं। रिंग रोड किनारे खुले होटल, गेस्ट हाउस में यह आम हो चुका है।
रविंद्रपुरी में कार को ही बना ले रहे हैं बार
एक नजर
- 381 देसी शराब की दुकानें
- 184 अंग्रेजी शराब की दुकानें
- 164 बीयर की दुकानें
- 13 मॉडल शॉप
- 91 भांग की दुकानें
न्यास से पंजीकृत मंदिरों को ही मानक में माना जाता है। किसी ऐसे मंदिर के 50 मीटर के दायरे में दुकान नहीं है। स्कूलों के मानक का भी ख्याल रखा जाता है। कहीं नियम विरुद्ध दुकानें चल रही हैं तो उन्हें शिफ्ट कराया जाएगा। - ओमवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, वाराणसी