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जले खुशियों के दीप, आज मनाई जाएगी दीपावली
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पंचदीपोत्सव के दूसरे दिन शहर भर में छोटी दीपावली का उल्लास घर-घर बिखरा। लोगों ने घरों से लेकर दुकानों तक दीप जलाकर छोटी दीपावली मनाई और नरक चतुर्दशी के अवसर पर यम के निमित्त भी दीप अर्पित किए गए। प्रकाश पर्व दीपावली बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। देर रात तक बाजारों में पटाखा, मिठाईयों और गिफ्ट आइटम की खरीददारी होती रही।
बुधवार की शाम नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली पर काशी दीपमालिकाओं से खिल उठी। घरों के मुख्य द्वार, गलियां, चौराहे और गंगा घाट पर यम के दीप जलाए गए। इसके साथ ही रंग-बिरंगी झालरों की रौशनी से शहर की इमारतें भी झिलमिला उठीं। यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया। मान्यता है कि इस संध्या पर दीपदान करने से यम प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगी रौशनी वाली फुलझड़ियां और पटाखे छोड़ते नजर आए।
प्रदोष काल स्थिर लग्न में मनेगी दीपावली
प्रकाशपर्व दीपावली का पूजन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि में प्रदोष काल स्थिर लग्न में किया जाएगा। भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर का पूजन विधि-विधान से होगा। काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त स्थिर कुंभ लग्न दिन में 1:14 से 2:46, स्थिर वृष लग्न में शाम को 5:52 से 7:49 तक है। इसके पश्चात महानिशा में स्थिर सिंह लग्न रात्रि 12:20 से 2:36 बजे तक है।
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बुधवार की शाम नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली पर काशी दीपमालिकाओं से खिल उठी। घरों के मुख्य द्वार, गलियां, चौराहे और गंगा घाट पर यम के दीप जलाए गए। इसके साथ ही रंग-बिरंगी झालरों की रौशनी से शहर की इमारतें भी झिलमिला उठीं। यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया। मान्यता है कि इस संध्या पर दीपदान करने से यम प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगी रौशनी वाली फुलझड़ियां और पटाखे छोड़ते नजर आए।
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प्रदोष काल स्थिर लग्न में मनेगी दीपावली
प्रकाशपर्व दीपावली का पूजन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि में प्रदोष काल स्थिर लग्न में किया जाएगा। भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर का पूजन विधि-विधान से होगा। काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त स्थिर कुंभ लग्न दिन में 1:14 से 2:46, स्थिर वृष लग्न में शाम को 5:52 से 7:49 तक है। इसके पश्चात महानिशा में स्थिर सिंह लग्न रात्रि 12:20 से 2:36 बजे तक है।
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