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Varanasi News: टेलीग्राम पर ''ब्लॉक ट्रेडिंग'' से 17.12 लाख रुपये की ठगी

Tue, 30 Jun 2026 01:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:36 AM IST
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lakh fraud via 'block trading' on Telegram
वाराणसी। शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर युवक से टेलीग्राम के माध्यम से 17.12 लाख की साइबर ठगी हुई । पीड़ित ने रविवार रात साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कैंट थाना क्षेत्र के सिकरौल निवासी कपिल देव राजभर ने पुलिस को बताया कि उन्हें ''नताली'' नाम के टेलीग्राम प्रोफाइल से संपर्क किया गया था। एक टेलीग्राम चैनल से जोड़ा और खुद को ''नालंदा कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड'' का प्रतिनिधि बताया। दावा किया कि वह ''''ब्लॉक ट्रेडिंग'''' के जरिये कम समय में मोटा मुनाफा दिला सकते हैं। शुरुआत में 21 और 25 मार्च को 5,000 और 10,000 का ऑनलाइन भुगतान कराया। 8 अप्रैल को बैंक खाते में 15000 रुपये मुनाफे के तौर पर भेजे। शुरुआती ''मुनाफे'' से कंपनी पर पूरा भरोसा हो गया। विश्वास जीतने के बाद ठगों ने अलग-अलग तारीखों में बड़े निवेश के नाम पर पैसे मंगवाने शुरू किए। पीड़ित से 17 लाख 12 हजार रुपये जमा करा लिए गए। जब कुल जमा राशि और मुनाफे को डिमैट खाते में ट्रांसफर करने को कहा तो ठगों ने 25 लाख 48 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने की मांग की। धमकी दी कि ऐसा न करने पर सारा पैसा फ्रीज हो जाएगा। 6 जून को भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया कि उनके खाते में 15000 रुपये को साइबर पुलिस ने होल्ड कर दिया है। पड़ताल करने पर पता चला कि यह कार्रवाई पटना साइबर पुलिस की ओर से की गई थी। जालसाजों ने जो 15000 रुपये का शुरुआती मुनाफा भेजा था, वह भी किसी अन्य साइबर अपराध की ठगी का पैसा था। ब्लॉक ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर 9 अप्रैल को 92,000 रुपये यूपीआई से जमा कराए गए। 16 अप्रैल को 5 लाख और 55,000 रुपये ट्रांसफर कराए गए। मई में अलग-अलग तिथियों में 50,000 रुपये, 5 लाख रुपये और दोबारा 5 लाख रुपये की बड़ी रकम ली। पीड़ित की शिकायत और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) विदुष सक्सेना ने बताया कि बैंक खातों और टेलीग्राम आईडी को ट्रैक किया जा रहा है। गिरोह का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा। ब्यूरो
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