Krishna Janmashtami: घर-घर विराजे लड्डू गोपाल, काशी में गूंजा जय कन्हैया लाल
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शिव की नगरी काशी में घर-घर लड्डू गोपाल विराजे और जन्म का महोत्सव आरंभ हो गया। कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक आयोजनों को निरस्त कर दिया गया है लेकिन हर जगह झांकी सजाई जा रही है। 11 से 13 अगस्त तक कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास रहेगा।
भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में सभी रम गए हैं। 12 अगस्त को अष्टमी तिथि सूर्योदयकाल से शुरू होकर दिन में 11:16 मिनट तक ही रहेगी। 11 और 12 अगस्त दोनों ही दिन अष्टमी तिथि के चलते जन्माष्टमी का व्रत और पर्व मनाया जा रहा है। हालांकि, मध्यरात्रि के समय अष्टमी तिथि केवल 11 तारीख को ही उपस्थित रहेगी, इसलिए इस दिन जन्माष्टमी व्रत का विशेष महत्व है।
ज्योतिषाचार्य दीपक मालवीय का कहना है कि इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं बनेगा, लेकिन 11 तारीख को उदयकालीन तिथि को सप्तमी होगी। सुबह 9:06 मिनट से ही अष्टमी तिथि शुरू हो गई।
यह तिथि पूरे दिन और रात में व्रत के पारायण के समय भी उपस्थित रहेगी। 12 को 11:16 के बाद होगी नवमी।
कृष्ण जन्माष्टमी ज्यादातर लोग 11 अगस्त यानी आज मंगलवार को ही मना रहे हैं। आपको बता दें कि ज्योतिष गणना में आज के दिन को कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आज से 26 घंटे का वृद्धि योग लग रहा है।
इस दौरान मां लक्ष्मी स्वरूपा राधा रानी की पूजा करने से न सिर्फ कान्हा खुश होंगे बल्कि घर में धन आगमन का भी माध्यम बनेगा. यह वृद्धि योग 11 तारीख को सुबह 6.50 बजे से 12 अगस्त सुबह 8.45 बजे तक रहेगा। मंगलवार को सुबह 9:06 बजे से ही अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी।