वाराणसी में प्रियंका की आत्मीयता: मां के दरबार में महिला सिपाही को गले से लगाया, बोलीं- गुड लक
जगतपुर पीजी कॉलेज में रैली से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा शारदीय नवरात्र में माता कूष्मांडा का दर्शन करने दुर्गा मंदिर पहुंचीं थीं।
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किसान न्याय रैली को संबोधित करने के लिए रविवार को वाराणसी पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का अलग अंदाज दिखा। दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा देवी के मंदिर में उन्होंने महिला आरक्षी को गले लगा लिया। जगतपुर पीजी कॉलेज से पहले वो शारदीय नवरात्र में माता कूष्मांडा का दर्शन करने दुर्गा मंदिर पहुंचीं थीं।
इंदिरा गांधी के बाद नेहरू परिवार से प्रियंका पहली सदस्य हैं जिन्होंने माता कूष्मांडा के दरबार में दर्शन- पूजन किया। इस दौरान सुरक्षा में तैनात वाराणसी कमिश्नरेट की महिला आरक्षी साक्षी त्रिपाठी को देख प्रियंका के कदम कुछ देर के लिए ठिठक गए। महिला आरक्षी से नाम पूछा और नारी शक्ति को नमन करते हुए उसे न सिर्फ गले लगाया बल्कि उसकी पीठ तक थपथपाई और गुड लक बोला।
यही नहीं, महिला आरक्षी ने अपने मोबाइल में प्रियंका की तस्वीर भी ली। कमिश्नरेट पुलिस में अंडर ट्रेनिंग साक्षी की ड्यूटी दुर्गाकुंड मंदिर के अंदर लगाई गई थी। महिला आरक्षी ने बताया कि प्रियंका ने उन्हें उनकी ड्यूटी के लिए सराहा। प्रियंका गांधी की इस आत्मीयता की हर कोई तारीफ कर रहा है।
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मां कुष्मांडा के दर पर माथा टेक प्रियंका ने की जीत की कामना
कांग्रेसी उलझे तो उन्हें धक्का देकर बाहर किया गया
प्रियंका के मंदिर पहुंचने के पहले सुरक्षा कर्मियों ने मन्दिर परिसर के प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया। गर्भगृह में प्रवेश के दौरान प्रियंका के सुरक्षाकर्मियों के रोके जाने से कांग्रेसी उलझे तो उन्हें धक्का देकर बाहर किया गया।
महंत राजनाथ दुबे ने मां का स्मृति चिन्ह देकर कांग्रेस महासचिव को समान्नित किया। पूजा कराने वाले पंडित चंदन दुबे ने बताया की प्रियंका ने यूपी चुनाव के विजय के लिए मन्नत मांगी। साथ ही सरकार बनने पर दुबारा दुर्गा मंदिर में दर्शन करने को कहा।