Khelo india: दूसरे दिन एसबीपीपीयू टीम ने मारी बाजी, आज समापन समारोह में सीएम और खेलमंत्री रहेंगे मौजूद
आईआईटी बीएचयू के रमेश श्रीनिवासन स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के इनडोर हाॅल में चल रही योगासन प्रतियोगिता के दूसरे दिन कुल छह विश्वविद्यालय शिवाजी विवि, गुरूग्राम विवि, पंजाबी विवि, कीट विवि, राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विवि और सावित्री बाई फूले पुणे विवि के प्रतिभागियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें एसबीपीपीयू की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर 399.5 अंक से सबसे आगे रही।
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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शुक्रवार को छह विश्वविद्यालय के योग एथलीटों ने संतुलन और स्थिरता के खेल में शानदार प्रदर्शन किया। दूसरे दिन हुई स्पर्धा में सावित्री बाई फूले पुणे विवि (एसबीपीपीयू) की टीम सबसे ज्यादा अंकों के आधार पर आगे रही। वहीं, 399.27 अंक हासिल कर राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विवि (आरटीएमएनयू) दूसरे नंबर पर आगे रही। अंतिम परिणाम शनिवार को प्रतियोगिता के समापन पर तीन अन्य विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन के बाद घोषित किए जाएंगे।
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आईआईटी बीएचयू के रमेश श्रीनिवासन स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के इनडोर हाॅल में चल रही योगासन प्रतियोगिता के दूसरे दिन कुल छह विश्वविद्यालय शिवाजी विवि, गुरूग्राम विवि, पंजाबी विवि, कीट विवि, राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विवि और सावित्री बाई फूले पुणे विवि के प्रतिभागियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें एसबीपीपीयू की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर 399.5 अंक से सबसे आगे रही। वहीं कांटे के मुकाबले 399.27 अंकों के साथ राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विवि दूसरे स्थान पर रही। शनिवार को तीन विश्वविद्यालय पंजाब विवि, गुरु जंबेश्वर विवि हिसार और चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के प्रदर्शन के बाद फाइनल परिणाम घोषित किए जाएंगे।
पीएम मोदी ने दिलाई योग को वैश्विक पहचान: डॉ. आर्य
प्रतियोगिता के दौरान उपस्थित नेशनल योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि योगासन भारत देश की मूल विधा है। प्राचीन काल से यह भारत की संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा रही है। लेकिन, वैश्विक स्तर पर भारत की इस संस्कृति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई पहचान दिलाई। उनके प्रयास और पहल का नतीजा है कि आज पूरी दुनिया में योग का डंका बज रहा है। न केवल यूरोप बल्कि लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों में भी योगासन करते लोग देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि योगासन को खेलों की दुनिया में विश्व स्तरीय पहचान दिलाने की कवायद शुरु हो गई है। भारत की इसमें अग्रणी भूमिका है। हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की योगासन स्पर्धा में बतौर अतिथि आमंत्रित हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में योगासन का स्वर्णिम काल आने वाला है। सरकारी प्रयासों का नतीजा है कि आज योगासन यूनिवर्सिटी खेलों में सर्वाधिक खिलाड़ियों वाला खेल बन गया है। बताया कि देश के 30 राज्यों में योगासन फेडरेशन युवा एथलीटों की नई पौध को तैयार कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन काम कर रहा है। 2032 तक योग को एशियन गेम्स, कामनवेल्थ और ओलंपिक में शामिल कराने का प्रयास है। इसके लिए एथलीटों के लिए एनआईएस पटियाला में योग के पाठ्यक्रम की भी शुरुआत करने की तैयारी है।
योग प्रीमियर लीग में प्रतिभा दिखाएंगे योग एथलीट
इसी साल आठ से 12 मार्च तक योगासन की वीमेन लीग 10 का दम का आयोजन किया गया। इसमें 10 राज्यों की कुल 2500 महिला एथलीटों ने हिस्सा लिया। यह ऐसी लीग है जिसमें महिलाएं घर पर रहकर ही खुद को योगासन की मदद से स्वस्थ और प्रसन्न रख सकती हैं। डॉ. आर्य ने बताया कि भारत समेत दुनिया के लगभग 40 देशों में योगासन स्पोर्ट्स का आयोजन हो रहा है। यह अपने आप में एक कीर्तिमान है। आने वाले दिनों में एशियाई चैंपियनशिप और वर्ल्ड योगासन टूर्नामेंट में भारतीय योगासन एथलीट अपनी प्रतिभा का परचम लहराते नजर आएंगे। जुलाई से देश में योग प्रीमियर लीग कराने की तैयारी है। इसमें योग एथलीटों की निलामी रैंक के आधार की जाएंगी। इसके लिए स्वामी रामदेव के नेतृत्व में एक वर्ल्ड योगासन बॉडी गठित की गई है। वह अपना कार्य बहुत गंभीरता से कर रही है।
बटुकों ने मन मोहा
प्रतियोगिता के दौरान मंच पर अतिथियों के आगमन पर चंद्रमौली चेरिटेबल ट्रस्ट गुरुकुल के बटुकों ने योग के साथ करतब दिखाकर लोगों को हैरत में डाल दिया। टीम का नेतृत्व वैभव ने किया।
किट न मिलने पर वालेंटियर ने जताया विरोध
खेल आयोजन को सफल बनाने में जुटे आईआईटी बीएचयू और अन्य विद्यालयों के वॉलेंटियर्स ने आरोप लगाया कि वादे के मुताबिक किट नहीं मिली। खेल के समापन के एक दिन पहले करीब 40 वॉलेंटियर्स ने इस पर विरोध जताया।