इस सावन करना है काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक, जरूर पढ़ें ये खुशखबर
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आषाढ़ माह शुरू हो गया है और सावन महीने की तैयारियां होने लगी हैं। महादेव की नगरी काशी में सावन का अपना ही महत्व है। कंधे पर कांवर लिए दूर-दूर से भक्त काशी विश्वनाथ का दर्शन करने और जल चढ़ाने आते हैं। इसे देखते हुए पहली बार मंदिर और पुलिस प्रशासन ने एक नई व्यवस्था शुरू की है।
इस सावन में बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों को 24 घंटे दर्शन देंगे। यह निर्णय शुक्रवार की देर शाम मंदिर और पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में लिया गया। साथ ही इस बार काशी विश्वनाथ की झांकी दर्शन कराने और पांचवें प्रवेश द्वार से भक्तों को मंदिर से बाहर निकालने की तैयारी है। इसके लिए अधिकारियों ने अपना पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया है।
सावन माह और शिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए देश भर से लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। ऐसे में चार प्रवेश द्वारों से बाबा का दर्शन कराने के बाद भी कुल दो से ढाई लाख भक्त ही जल चढ़ा पाते हैं। ऐसे में रात्रि के समय शयन आरती के बाद पट बंद कर दिया जाता है, जिससे दिन से घंटों लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगती है।
इस समस्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सावन में सोमवार की भीड़ को देखते हुए 24 घंटे मंदिर के पट खोलने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कोई भी श्रद्धालु मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश नहीं करेगा अब उसे दरवाजे के बाहर बने पात्र में ही जल डालना होगा, जो सीधे मंदिर के शिवलिंग पर गिर जाएगा। मंदिर प्रशासन का आंकड़ा है कि इस व्यवस्था से एक दिन में पांच लाख भक्त आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि इस बार मंदिर में झांकी दर्शन कराने के लिए पूरा रूटमैप तैयार किया गया है। साथ ही इस बार खोले गए पांचवें प्रवेश द्वार से भी भक्तों के प्रवेश के दर्शन की व्यवस्था की गई है।
वहीं बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टूर ऑपरेटरों को टूरिज्म विभाग के साथ बैठक करने का निणर्य लिया गया है। जबकि मंदिर में बाबा के दर्शन कराने के लिए टूर ऑपरेटरों को विभिन्न पैकेजों में सम्मिलत करने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई है।