वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग की एक छात्रा संग छेड़खानी आरोप में संविदा शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। मार्च में हुई इस घटना में विश्वविद्यालय की यौन उत्पीड़न समिति की संस्तुति के बाद कुलसचिव की ओर से इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। उधर शिक्षक ने आरोपों से इनकार करते हुए झूठे मामले में फंसाने की बात कही है।
विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग की छात्रा ने संविदा शिक्षक पर छेड़छाड़, उत्पीड़न की शिकायत मार्च में की थी। कुलपति से इसकी शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। कुलपति के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय की महिला यौन उत्पीड़न प्रतिषेध समिति ने मामले की जांच की। दोनों पक्षों का बयान दर्ज करने के बाद अब समिति ने कुलपति को जो संस्तुति दी थी, अब उसके आधार पर ही कार्रवाई हुई है। 14 सितंबर को कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने विभाग में संविदा शिक्षक डॉ. विश्वजीत सिंह सरदार की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने समिति की संस्तुति और कुलपति की स्वीकृति का हवाला दिया है। उधर इस बारे में पूछे जाने पर डॉ. विश्वजीत सरदार ने आरोप को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह का आरोप लगाकर झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने इसे विभागीय गुटबाजी भी बताया है।