हंगामे के कारण रद्द हुई काउंसिलिंग: काशी विद्यापीठ में छात्रों का दो गुट आपस में भिड़ा, तोड़ी कुर्सियां
वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शुक्रवार को काउंसिलिंग के पहले ही दिन हंगामा हो गया। छात्रों का दो गुट आपस में भिड़ गया। देखते ही देखते विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में घुस कर छात्र नेताओं ने कई कुर्सियां तोड़ डाली।
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार से स्नातक में दाखिले के लिए शुरू हुई काउंसिलिंग को छात्र नेताओं के हंगामे के कारण रद्द करना पड़ा। दाखिले के पहले दिन बीकॉम के लिए प्रवेश परीक्षा में सामान्य मेरिट लिस्ट के 41 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को दाखिले के लिए बुलाया गया था। लेकिन दोपहर 12 बजे तक करीब 30 विद्यार्थी काउंसिलिंग के लिए पहुंचे। हंगामा शुरू होने से पहले 10 छात्रों की ही काउंसिलिंग हो पाई थी।
काउंसिलिंग प्रक्रिया करीब 12 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से चल रही थी। तभी अचानक छात्रों का दो गुट आपस में भिड़ गया। देखते ही देखते विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में घुस कर छात्र नेताओं ने कई कुर्सियां तोड़ डाली। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर डॉ. अमिता सिंह के साथ पहुंची पुलिस बल ने मामला को शांत कराया।
दूसरे पक्ष के नेता को बर्खास्त करने की मांग
इसके बाद भी छात्र नेता नहीं माने। वहां से निकलकर छात्र नेता कुलसचिव सुनिता पांडेय के कार्यालय में पहुंचकर दूसरे पक्ष के नेता को चुनाव न लड़ने के लिए बर्खास्त करने की मांग करने लगे। एक पक्ष के अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि दूसरे गुट के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गौरव सिंह ने प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेज कर चुनाव में उसे जिताने की अपील की है।
छात्र नेताओं ने काउंसिलिंग कमेटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना कमेटी की मदद से इस साल प्रवेश परीक्षा में पास हुए छात्र-छात्राओं का नंबर कहां से मिला। वहीं दूसरे पक्ष के छात्र नेता गौरव सिंह ने बताया जिस दिन प्रवेश परीक्षा हो रही थी, उसी दिन सभी परीक्षा केंद्रों से विद्यार्थियों व उनके परिजनों के नंबर लिए था। परीक्षा के परिणाम आने के बाद जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा पास किया था उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से काउंसिलिंग संबंधित जानकारियां दी गई थी।
छात्र प्रतिनिधियों व विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक का नहीं दिखा प्रभाव
प्रवेश काउंसिलिंग की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए 22 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन व छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में छात्र प्रतिनिधियों को काउंसिलिंग की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। प्रशासन की ओर से अपील भी की गई थी कि बिना किसी बाधा के काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।