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Kashi Tamil Sangamam 2.0: 13 दिनों में 14 सौ तमिल डेलीगेट्स ने देखा काशी, नदियों के नाम पर हैं समूह; आज समापन

Sat, 30 Dec 2023 08:50 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 30 Dec 2023 08:50 AM IST
सार

नमो घाट पर बनारस घराने और तमिल कलाकारों ने 12 दिनों तक लगातार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 12 दिनों में 108 प्रस्तुतियों में 200 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। इस बार पुडुचेरी के भी कला, संगीत और शिक्षा से जुड़े विद्वान शामिल हुए।

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Kashi Tamil Sangamam 2.0 14 hundred Tamil delegates visited Kashi in 13 days, groups are named after rivers
नमो घाट पर आयोजित काशी तमिल संगमम में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकर। - फोटो : संवाद

विस्तार

काशी तमिल संगमम के दूसरे संस्करण ने उत्तर और दक्षिण की डोर को और मजबूत कर दिया। 14 दिवसीय आयोजन के 13वें दिन तक 1400 डेलीगेट्स ने काशी, अयोध्या और प्रयागराज का भ्रमण किया। 17 दिसंबर को 200 छात्रों का पहला प्रतिनिधिमंडल बनारस पहुंचा। इसके बाद लेखक, किसान, व्यवसायी, आचार्य सहित साल दल काशी पहुंचा।

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नमो घाट पर बनारस घराने और तमिल कलाकारों ने 12 दिनों तक लगातार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 12 दिनों में 108 प्रस्तुतियों में 200 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। इस बार पुडुचेरी के भी कला, संगीत और शिक्षा से जुड़े विद्वान शामिल हुए। शिक्षा मंत्रालय के एक भारत-श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण संगमम् के आयोजन का जिम्मा आईआईटी मद्रास और बीएचयू को सौंपा गया था। काशी तमिल संगमम के तहत बनारस आने वाले समूहों में छात्र, शिक्षक, लेखक, किसान, व्यापारी, धार्मिक व्यक्ति और कारीगर शामिल थे।

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नदियों के नाम पर था तमिलनाडु से आने वाले समूह का नाम

काशी-तमिल संगमम में हिस्सा लेने वाले तमिलनाडु के सभी सातों समूहों के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे। यह गंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, नर्मदा, गोदावरी और कावेरी था। केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष भी काशी-तमिल संगमम का आयोजन किया था, जो एक महीने तक चला। इनमें तमिलनाडु के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े करीब तीन हजार लोगों को अलग-अलग समूहों में बुलाया गया था।

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