जज्बे को सलाम: सात ज्योतिर्लिंग की पैदल यात्रा कर काशी पहुंचा कर्नाटक का लाल, बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद
मोदी-योगी निरोग रहें, इसी मनोकामना के साथ कर्नाटक से इवेंट फोटोग्राफर पूर्णानंद गोठे पैदल ही निकले। वे सात ज्योतिर्लिंग और रामलला के दर्शन के बाद काशी पहुंचे। यहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर उन्होंने आशीर्वाद लिया और बाबा वैद्यनाथ के लिए निकले।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरोग रहें और दुनिया भर में भारत का डंका बजता रहे। इसी मनोकामना के साथ कर्नाटक निवासी 25 वर्षीय इवेंट फोटोग्राफर चार हजार किलोमीटर लंबी धार्मिक यात्रा पर पैदल ही निकल पड़े। सात ज्योतिर्लिंग और अयोध्या में राममंदिर के दर्शन-पूजन के बाद वह काशी पहुंचे। मंगलवार की सुबह उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। इसके बाद बाबा वैद्यनाथ के लिए निकले। वहां से जगन्नाथ पुरी जाकर अपनी धार्मिक यात्रा को विराम देंगे।
काशी पहुंचे कर्नाटक के बागलकोट जिला के हुल्याल गांव निवासी इवेंट फोटोग्राफर पूर्णानंद गोठे ने बताया कि उन्होंने अपनी धार्मिक यात्रा 30 अक्तूबर 2023 को जमाखंडी से शुरू की थी। वह पैदल ही भीमशंकर, त्र्यंबकेश्वर, घृष्णेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर का दर्शन-पूजन करते हुए 20 जनवरी 2024 को अयोध्या स्थित राममंदिर पहुंचे।
अयोध्या में दर्शन-पूजन कर वह पैदल ही काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुए। पूर्णानंद ने कहा कि अयोध्या में रामलला का दर्शन कर और उनका मंदिर देख कर वह अभिभूत हैं।
छह साल पहले आया था मन में विचार
पूर्णानंद ने बताया कि वह बंगलूरू में कॉरपोरेट इवेंट फोटोग्राफी का काम करते हैं। उनके मां-बाप कपड़े की बुनाई करते हैं। पूर्णांनद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वह बहुत प्रभावित हैं। वह आश्वस्त हैं कि दोनों नेताओं के हाथ में देश सुरक्षित है और हर क्षेत्र में प्रगति हो रही है। इस लिए उन दोनों नेताओं के निरोग रहने और अपने मां-बाप व खुद की संतुष्टि के लिए छह वर्ष पहले उन्होंने धार्मिक यात्रा पैदल ही करने की सोची थी। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि नजदीक आई तो उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वह 30 अक्तूबर 2023 को घर से पैदल ही निकल गए।
बनारस के डीआईजी मेरे गांव के ही हैं
पूर्णानंद ने बताया कि अपनी यात्रा में वह मंदिरों और धर्मशालाओं में ही ठहरे। सात्विक भोजन ही खाया। वहीं, गोदौलिया चौराहे पर पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय से पूर्णानंद ने बताया कि बनारस कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एस. चनप्पा मेरे गांव के ही हैं। अगर उनसे मुलाकात हो जाएगी तो हम दोनों को अच्छा लगेगा। इस पर एसीपी दशाश्वमेध ने अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) को सूचित कर उनके हाथों पूर्णानंद का सम्मान कराया।