बनारस और आगरा के बीच तेजस चलाने की तैयारी, दौड़ेगी 130 किमी घंटे की रफ्तार से
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आईआरसीटीसी की अगली तैयारी अब वाराणसी और आगरा को ट्रेन के जरिए एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर में तेजस ट्रेन चलाने की इच्छा जाहिर की थी, जब उन्होंने लखनई से तेजस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
बनारस से आगरा रूट पर ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटा की गति तक दौड़ाया जा सकता है। इसको देखते हुए आईआरसीटीसी इस रूट पर तेजस के संचालन पर गंभीर है। इसे अमलीजामा पहनाने से सामान्य यात्रियों संग विदेशी पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, ट्रेन संचालन के लिए जल्दी निजी कंपनी तलाशी जाएगी। अगर कोई कंपनी नहीं आई तो आईआरसीटीसी ही संचालन करेगी। आईआरसीटीसी की पहली तेजस ट्रेन के यात्रियों को 25 लाख रुपये तक बीमा भी दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान लूटपाट या सामान चोरी होने की स्थिति में भी एक लाख रुपये के मुआवजा की व्यवस्था है।
मिलेंगी यह सुविधाएं
रेलवे बोर्ड की तरफ से तैयार कराए गए ब्लू प्रिंट के मुताबिक, आईआरसीटीसी को इन ट्रेनों की जिम्मेदारी तीन साल के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सौंपी जा रही है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली इन ट्रेनों में रेलवे की तरफ से दी जाने वाली कोई रियायत, मासिक पास, किराया छूट या अन्य विशेषाधिकार का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही इन दोनों ट्रेन में टिकट चेकिंग की व्यवस्था भी रेलवे के बजाय आईआरसीटीसी अपने स्तर पर करेगा।
मिलेगा यूनिक नंबर
इन दोनों ट्रेनों को यूनिक नंबर दिया जाएगा और इनका संचालन रेलवे का संचालक स्टाफ (लोको, पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर) ही संभालेंगे। लेकिन इन ट्रेनों के मेंटिनेंस और स्पेयर-पार्ट्स का खर्च आईआरसीटीसी को ही चुकाना होगा।
दुर्घटना के वक्त मुआवजा देगा रेलवे
भले ही ट्रेन संचालन में सभी जिम्मेदारियां आईआरसीटीसी की होगी, लेकिन किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में इन दोनों ट्रेन के यात्रियों को मिलने वाले किसी भी प्रकार के मुआवजे की जिम्मेदारी रेलवे की ही होगी। साथ ही ट्रेन का संचालन दोबारा शुरू करने में भी रेलवे की तरफ से आईआरसीटीसी की मदद की जाएगी।