वाराणसी में खाकी बेलगाम: एक दरोगा ने दंडी स्वामी को धक्का दिया तो दूसरे ने किशोर को बेरहमी से पीटा
वाराणसी में शनिवार को दो ऐसे मामले आए जिनसे कहा जा सकता है कि यहां खाकी बेलगाम हो चुकी है। वर्दी के रौब में सिंधौरा चौकी प्रभारी अरविंद यादव ने हीरामनपुर गांव निवासी किशोर की बेरहमी से पिटाई कर दी। काशी विश्वनाथ मंदिर में एक दरोगा ने बुजुर्ग दंडी स्वामी से दुर्व्यवहार किया।
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आम जनता से सौम्य व्यवहार की नसीहत मुख्यमंत्री से लेकर मुख्यसचिव तक पुलिस को दे चुके हैं। वाराणसी कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन भी अक्सर अच्छे व्यवहार की बात करते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी बाज नहीं आते हैं। शनिवार को ऐसे ही दो मामले सामने आए जिनसे खाकी की कार्यशैली पर सवाल उठ गए हैं।
सिंधौरा चौकी प्रभारी अरविंद यादव ने शनिवार की देर शाम हीरामनपुर गांव निवासी किशोर वैभव सिंह की पिटाई कर दी। इससे वैभव को गंभीर चोटें आई हैं। उसे इलाज के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ, परिजनों की शिकायत के आधार पर चौकी प्रभारी अरविंद यादव को निलंबित करके विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वैभव को पीटते हुए सिंधौरा थाने ले गए
हीरामनपुर गांव निवासी आशुतोष सिंह के परिवार से जुड़े एक विवाद का मामला सिंधौरा थाने पहुंचा था। उसकी जांच करने के लिए सिंधौरा चौकी प्रभारी अरविंद यादव आशुतोष के घर गए थे। आरोप है कि सिंधौरा चौकी प्रभारी से आशुतोष सिंह के बेटे वैभव सिंह ने तेज आवाज में बात की।
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इससे वह अपना आपा खो बैठे और वैभव को पीटते हुए सिंधौरा थाने ले गए। थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने मना किया, लेकिन वह नहीं माने और पिटाई करते रहे। इस बीच वैभव की हालत बिगड़ गई, तब जाकर चौकी प्रभारी ने उसे छोड़ा। परिजनों ने दरोगा अरविंद यादव की करतूत की शिकायत पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन से की और वैभव को उपचार के लिए अस्पताल ले गए।
डॉक्टरों ने वैभव की हालत गंभीर बताया और बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर लिए रेफर कर दिया। डीसीपी गोमती जोन विक्रांत वीर ने कहा कि शिकायत के आधार पर जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही मिले हैं। दरोगा अरविंद यादव को निलंबित कर दिया गय। विभागीय जांच भी की जा रही है।
काशी विश्वनाथ का दर्शन करने जा रहे दंडी स्वामी को दरोगा ने दिया धक्का
श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने जा रहे बुजुर्ग दंडी स्वामी से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि दरोगा ने दंडी स्वामी को धक्का देकर गिरा दिया। इससे उनके घुटने में चोट आ गई। मामले की जानकारी मंदिर प्रशासन को दी गई है। एडीजी से कार्रवाई की मांग भी हुई है। अब सीसी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालु प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान बुजुर्ग दंडी स्वामी ओम महाराज (75) बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वहां ड्यूटी पर मौजूद दरोगा संजय कुमार मालवीय से अंदर जाने के लिए अनुरोध किया औार बताया कि दंडी स्वामियों के गर्भगृह में प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। दरोगा ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इस बीच दर्शन करके निकल रहे पूर्व सैनिक रामेश्वर कुमार पांडेय ने भी दरोगा से दंडी स्वामी को प्रवेश देने का निवेदन किया। दरोगा ने किसी की बात नहीं सुनी। दंडी स्वामी जैसे ही दर्शन के लिए आगे बढ़े तो दरोगा ने उनको जोर से धक्का दे दिया। धक्के से वह जमीन पर गिर गए और उनके घुटने में चोट आ गई।
दंडी स्वामी के आंखों में आंसू
प्रत्यक्षदर्शी रामेश्वर पांडेय के मुबाबिक, उन्होंने चोटिल दंडी स्वामी को उठाया तो उनकी आंखों में आंसू थे । वह कुछ बोल नहीं पाए और खुद को अपमानित महसूस करने लगे। मैंने और दूसरे श्रद्धालुओं ने जब दरोगा के इस व्यवहार का विरोध किया तो वह धमकाते हुए राैब झाड़ने लगे। श्रद्धालुओं को अपशब्द भी कहे गए।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि दंडी स्वामी के साथ दुर्व्यवहार का मामला संज्ञान में है। इस मामले की शिकायत एडीजी से की गई है। मंदिर प्रशासन भी जांच करा रहा है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं से सौम्य व्यवहार हम सबकी जिम्मेदारी है। हाल ही में आए मुख्य सचिव डॉ दुर्गाशंकर मिश्रा ने भी पुलिस को नसीहत दी थी। कहा था कि श्रद्धालुओं से व्यवहार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन भी अक्सर अच्छे व्यवहार की बात करते हैं, लेकिन पुलिस कर्मी बाज नहीं आते हैं। इसी वजह से श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार आती हैं। मंदिर परिसर से पुलिस कर्मियों को हटाने की मांग की जाती है।