Heat Stroke in UP : 24 घंटे में 36, आठ दिनों में 121 मरीजों की गई जान, चिकित्सा अधिकारी पर गिरी गाज
मृतकों में वन विभाग के रेंजर रामसुख यादव (58) भी हैं। जिला अस्पताल में अब भी 230 लोगों का इलाज चल रहा है।
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गर्मी व लू के बीच यूपी में बलिया जिला अस्पताल में पिछले आठ दिनों के दौरान 121 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 36 मौतें पिछले 24 घंटे में हुई हैं। मृतकों में वन विभाग के रेंजर रामसुख यादव (58) भी हैं। जिला अस्पताल में अब भी 230 लोगों का इलाज चल रहा है।
शासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर दिवाकर सिंह को हटा दिया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बलिया भेजी गई है। गर्मी व लू की चुनौती को देखते हुए विशेष वार्ड बनाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि ये मौतें लू की वजह से हुई हैं।
हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है और कहा गया है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी। इस बीच, जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं को गांवों में गंभीर मरीजों की तलाश करने के निर्देश हैं। ज्यादातर लोग सर्दी, बुखार, उल्टी, दस्त, सांस सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं।
वाराणसी भेजे जा रहे मरीज
मरीजों की बड़ी तादाद के कारण जिला अस्पताल के सभी वार्ड फुल हैं। देहात से आने वाले गंभीर मरीजों को वाराणसी भी रेफर किया जा रहा है। मौतों के चलते जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी के डॉक्टर भी हाई अलर्ट पर रखे गए हैं।
- डीएम रवीन्द्र कुमार ने कहा कि मरीजों को सांस, बुखार व खांसी की दिक्कत है। लू की शिकायत नहीं है। अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा है। गर्मी को देखते हुए कूलर व एसी लगाए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन में मची खलबली
डायरिया और लू के मरीजों से सरकारी व निजी अस्पताल के बेड फुल हो गए हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले अधिकतर मरीजों की मौत हो जा रही है। शुक्रवार सुबह से खबर लिखे जाने तक 31 मरीजों की मौत हुई है। इससे पहले बीते गुरुवार को मौतों का आंकड़ा भी 31 तक पहुंचा था।
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अचानक मौत के आंकड़ों में इजाफा होने से अस्पताल प्रशासन में खलबली मची है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों की अचानक मौत की संख्या में इजाफा होने के कारण नि:शुल्क शव वाहन तक नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों को निजी वाहनों से शव लेकर जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, कोरोना संक्रमण के दौरान भी एक दिन में इतनी मौतें नहीं हुई थीं।
अस्पताल में किए गए गर्मी से बचाने के उपाय
गंगा घाटों पर पूरी रात चिता की आग शांत नहीं हो रही है। इधर, जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य वार्डों में कूलर और एसी लगवाए गए हैं। डॉक्टरों, पैरा मेडिकल की टीम तैनात है। मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बाद मरीजों को कुछ राहत मिल रही है। चिकित्सक लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय बता रहे हैं।