बीएचयू के छात्रों की पहल: 60 किलोग्राम कबाड़ से बना रहे 40 तरह की कलाकृतियां, सॉलिड वेस्ट का होगा निदान
बीएचयू के विजुअल आर्ट्स फैकल्टी के छात्रों की पहल सॉलिड वेस्ट का निदान करेगी। 40 छात्रों की टीम करीब 60 किलो कबाड़ 40 तरह के आर्ट वर्क और पब्लिक यूटिलिटी की चीजें तैयार कर रही है।
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कबाड़ से बनी कलाकृतियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विजुअल आर्ट्स फैकल्टी के छात्रों की पहल सॉलिड वेस्ट का निदान करेगी। 40 छात्रों की टीम करीब 60 किलो कबाड़ 40 तरह के आर्ट वर्क और पब्लिक यूटिलिटी की चीजें तैयार कर रही है।
विजुअल आर्ट्स फैकल्टी स्थित अभिकल्प नवप्रवर्तन केंद्र में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला में छात्रों ने लोहा, लकड़ी और प्लास्टिक कचरे से बच्चों के खिलौने, सजावट के सामान और दैनिक उपयोग की कई चीजें तैयार की हैं। अभिकल्प नवप्रवर्तन केंद्र के कोआर्डिनेटर डॉ. मनीष अरोड़ा ने बताया कि उनकी टीम छात्रों के साथ ही कूड़ा बीनने वाले लोगों को भी इस आर्ट वर्क का प्रशिक्षण देगी।
इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और उनकी आय का जरिया तैयार होगा। कार्यशाला में दस कलाकार प्रतिभागियों को स्क्रै प आर्ट की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। स्क्रैप मेटल, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट जैसे कबाड़ मैटेरियल से उपयोगी और आकर्षक कलाकृतियां तैयार हो रही हैं। इन सब आर्ट वर्क को 27 अप्रैल को इंटरनेशनल डिजाइन-डे पर संस्थान की गैलरी में सजाया जाएगा।
पांच लाख में बेचा गया कबाड़ से बना घोड़ा
बीएचयू के शोध छात्र सौरभ सिंह की ओर से चलाई जा रही कार्यशाला में हर प्रतिभागी को एक-एक कलाकृति तैयार करनी है। हाल ही में सौरभ ने हैदराबाद स्थित रामोजी राव फिल्म सिटी में कबाड़ से घोड़ा बनाया था, जिसे पांच लाख रुपए में फिल्म सिटी हैदराबाद को बेचा गया है।