वाराणसी: गंगा में चलने वाली नावों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन होगी, नाविकों को जारी होगा स्मार्ट लाइसेंस कार्ड
नगर निगम नावों से संबंधित जानकारी नावों पर अंकित करवाएगा। इसमें नाविक का नाम, लाइसेंस नंबर, अंकित होगा। स्मार्ट लाइसेंसिंग प्लास्टिक कोटेड कार्ड में भी संबंधित नाव का विवरण, नाविक के फोटो के साथ दर्ज किया जाएगा।
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अब गंगा में चलने वाली नावों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन होगी। इससे संबंधित जानकारी निगम की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। नाविक और नावों की क्षमता आदि की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। नाविकों को स्मार्ट लाइसेंस कार्ड भी जारी किया जाएगा। इसके लिए नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने प्रभारी अधिकारी अनुज्ञप्ति पीके द्विवेदी को निर्देश दिया है।
नगर निगम नावों से संबंधित जानकारी नावों पर अंकित करवाएगा। इसमें नाविक का नाम, लाइसेंस नंबर, अंकित होगा। स्मार्ट लाइसेंसिंग प्लास्टिक कोटेड कार्ड में भी संबंधित नाव का विवरण, नाविक के फोटो के साथ दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से ये व्यवस्था जरूरी
इसमें भी नाविक का नाम, नाव का प्रकार, नाव के इंजन की श्रेणी, क्षमता, सुरक्षा उपकरण का विवरण दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक हादसे के समय नाव के बारे में जानकारी लेने में दिक्कत होती है। ऐसी व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से की जा रही है। ताकि नावों और नाविक की पहचान आसानी से की जा सके।
घाटों पर चेतावनी के लिए लगेगा बोर्ड
नाव की दुर्घटना को देखते हुए नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने गहरे पानी वाले घाट पर सामान्य अभियंत्रण विभाग को आयरन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। जिस पर खतरे का संकेतक होगा। राजघाट से अस्सी घाट तक नावों के सुरक्षित संचालन के लिए मार्ग निर्धारण किया जाएगा।
वाटर डिवाइडर लगेंगे। सभी नावों पर जीवन रक्षक उपकरणों, लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग का प्रबंध किया जाएगा। दो मई से नावों का पंजीकरण और लाइसेंस शिविर घाटों पर लगाया जाएगा। इसके बाद बगैर लाइसेंस वाले नावों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके लिए 28 अप्रैल को 11 बजे नदेसर स्थित वरुणा के जोनल कार्यालय में नाव संचालकों की बैठक बुलाई गई।