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Independence Day 2021: धानापुर कांड था देश का दूसरा चौरी चौरा कांड, पूरे पूर्वांचल में धानापुर कांड ने जगाई स्वतंत्रता की अलख

Sun, 15 Aug 2021 04:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 15 Aug 2021 04:39 PM IST
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Independence Day 2021: Dhanapur incident was second Chauri Chaura incident of country in varanasi
स्वतंत्रता दिवस - फोटो : SELF

महज 22 साल पहले तक बनारस जिले की तहसील रहे चंदौली में अगस्त क्रांति के दौरान वो चिंगारी उठी, जिसने ब्रितानिया हुकुमत को दहला कर रख दिया। 1942 में हुए इस कांड ने स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी। लगने लगा कि अंग्रेजों का शासन अब चंद सालों का मेहमान है और अंग्रेजों को अब भारत छोङ़ना ही होगा।

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तब तहसील चंदौली के धानापुर थाने पर तिरंगा फ हराने के प्रयास में पुलिस वालों की हत्या के बाद थाने को फूंक दिया गया। इस घटना को स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा चौरी चौरा कांड माना जाता है। हालांकि, धानापुर कांड को इतिहास में उतनी प्रमुखता नहीं मिली, मगर कहना होगा धानापुर कांड ने पूरे पूर्वांचल में स्वतंत्रता की अलख जगा दी।
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अधिवक्ता नित्यानन्द राय बताते हैं कि घटना के बाद सीओ ने एक स्थानीय भगेलु खां का बयान दर्ज किया। कहते हैं कि उसी के बयान पर एफ आईआर दर्ज की गई। थाना फूंके जाने के नौ दिन बाद धानापुर बाजार में नंगु साव के घर में थाना कायम किया गया। थाना परिसर की मरम्मत होने के बाद 6 सितंबर 1942 को 20-21 दिन बाद थाना फिर से अपनी मूल जगह पर कायम हो पाया।

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घटना का निरीक्षण कालिया साहब की छावनी वसूली घर से शुरू हुआ। उनका घर नंगु साव के बगल में था। अभियुक्तगण 30 गांवों से थे, उसका नक्शा भी आरोप पत्र के साथ दाखिल किया गया। अभियुक्तों के अधिवक्ता पं. उमाकांत पांडेय ने भी अभियुक्तों के बचाव में नक्शा दाखिल किया। विवेचना के बाद पुलिस ने 104 अभियुक्तों के खिलाफ  आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

गिरफ्तार होते रहे अभियुक्त
मुकदमें के दौरान अभियुक्त गिरफ्तार होते रहे और उनकी संख्या बढ़ती रही। कुल 67 अभियुक्त के खिलाफ  ट्रायल अदालत में हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद मुकदमा सुनवाई के लिए आरोप पत्र आरएल सिंह प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रेषित किया। मजिस्ट्रेट ने मामले में आरोपितों का मुकदमा 11 अक्तूबर 1943 को सेशन को सुनवाई के लिए प्रेषित कर दिया।

जब पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में प्रेषित कर दिया तो मुकदमें के पहले चरण में सभी 67 आरोपितों के ऊपर अदालत ने आरोप निर्धारित किए। सभी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप से इंकार किया और विचारण की मांग की। पुलिस की गोलीबारी में घायल व्यक्ति भी मुल्जिम बन गए। थाने के भीतर प्रवेश करते समय थानाध्यक्ष अनवारुल हक के गोली से चार व्यक्ति घायल हुए थे और तीन व्यक्ति मर गए थे।

चार व्यक्तियों में विश्वनाथ कलवारगांव अनौती, सत्यनारायन सिंह गांव अमराए, राम सिंह गांव कवाई पहाड़पुर, सीता राम कोइरीगांव अहिरौरा थे। इन चारों के खिलाफ  धारा 147 ताजिराते हिंद व 35 भारतीय रक्षा कानून के तहत आरोप निर्धारित हुए और विचारण हुआ। 

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