देश में मधुमेह का बढ़ रहा प्रकोप, रोगियों की संख्या बढ़ना चिंताजनक
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रिसर्च सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) के यूपी चैप्टर के दो दिवसीय अधिवेशन में चिकित्सकों ने मधुमेह के बढ़ते प्रकोप और इस पर नियंत्रण के अलग-अलग उपचार विधियों के बारे में चर्चा की। मधुमेह रोगियों की बढ़ती संख्या को चिंताजनक बताते हुए इस पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।
नदेसर स्थित एक होटल में हुए अधिवेशन का शुभारंभ बीएचयू रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि जिस तरह से मधुमेह की बीमारी बढ़ती जा रही है, उससे बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। प्रो. निशा रानी अग्रवाल ने इस तरह के अधिवेशनों को अच्छी पहल बताया। इस दौरान चंडीगढ़ से डॉ. आशु रस्तोगी, कानपुर से डॉ. ऋषि शुक्ला, मुंबई से पद्मश्री डॉ. शशांक आर जोशी, डॉ. अरुण पांडेय लखनऊ के साथ ही डॉ. अनुज महेश्वरी, डॉ. ईश भाटिया ने कहा कि तनावयुक्त जीवन शैली, अनियमित दिनचर्या, मोटापा, बढ़ती उम्र, जंकफूड का अधिक सेवन करना प्रमुख कारण है। इस दौरान प्रो.एसके सिंह, डॉ.एके सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
गांवों में भी बढ़ रहा मधुमेह-डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ
मधुमेह की चपेट में अब गांवों में रहने वाले लोग आते जा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण प्लास्टिक, केमिकल युक्त सब्जियों का अधिक सेवन करना है। खेतों में दवाओं का छिड़काव किया जाता है, इसमें मिलने वाले केमिकल का दुष्प्रभाव पड़ता है। इंसुलिन बनाने की क्षमता खत्म हो जाती है। यूपी में मधुमेह रोग की संभावना अधिक है। -डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, आगरा
मधुमेह के मरीजों में नसों की बीमारियां अधिक
अन्य बीमारियों के मरीजों की तुलना में मधुमेह से ग्रसित मरीजों की सेहत पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। ये ऐसी बीमारी है, जिसका जुड़ाव नसों से होता है। इसमें लापरवाही से आंख, पैर, हाथ आदि में नस संबंधी बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है। मधमुेह रोगियों को कोलस्ट्राल कम करने की दवा लेनी चाहिए। और ब्लडप्रेशन की नियमित जांच कराते रहना चाहिए। -डॉ. राजीव अग्रवाल मेरठ