आफतः गंगा किनारे बने आधा दर्जन से अधिक घरों के कमरे की दीवार और छत फटी, लोगों ने बंद कराया एसटीपी
नगवां स्थित गंगोत्री बिहार कॉलोनी में गंगा के किनारे बने आधा दर्जन से अधिक घरों के कमरे की दीवार और छत फटकर अलग हो गई। इन घरों में रहने वाले दरार पड़ते देख घर से बाहर निकल गए।
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वाराणसी में नगवां स्थित गंगोत्री बिहार कालोनी में रहने वाले दहशत में जी रहे हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए डाली गई पाइप से लीकेज के कारण गंगा किनारे बसी कालोनी के आधा दर्जन से अधिक घरों की दीवार और जमीन धंसने के कारण फट गई है। घरों में रहने वाले दरार और कमरों को धंसता हुआ देखकर स्थानीय लोगों में आक्रोश हैं।
उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पाइपलाइन डालने में लापरवाही को इसकी वजह बताया। नगवां स्थित गंगोत्री बिहार कॉलोनी में गंगा के किनारे बने आधा दर्जन से अधिक घरों के कमरे की दीवार और छत फटकर अलग हो गई। इन घरों में रहने वाले दरार पड़ते देख घर से बाहर निकल गए।
घरों में दीवार पड़ने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने सोमवार दोपहर में नगवा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद कराया। लोगों ने आरोप लगाया कि घरों से पाइपलाइन सटी होने के कारण ट्रीटमेंट प्लांट चालू होने पर प्रेशर से पाइपलाइन कंपन करता है। पिछले दो माह पहले 60 मीटर क्षतिग्रस्त लाइन को बदलने के लिए खोदाई की गई।
घरों में होता है कंपन
खोदाई कर पाइप लाइन डालने के बाद ऊपर थोड़ी मिट्टी से पाटकर चलते बने। इसके कारण पाइपलाइन से सप्लाई शुरू होते ही घरों में काफी तेज कंपन होने लगता है। गंगोत्री बिहार में रहने वाले संतोष, गोपाल, मिथुन प्रसाद शाह फेरी कर किताब काफी बेचते हैं। तीनों सगे भाई हैं। इनके घर के पिछले हिस्से में फटने के कारण दो कमरा और छत फट गई।
नंदू साहनी अस्सी पर पान की दुकान चलाते हैं। इनके घर के दो कमरे की दीवार फट गई। आशा देवी के घर की पिछली दीवार कमरा सहित फटकर घर से अलग हो गई। रामसेवक तिवारी के घर में दरारें पड़ गई हैं।
बाढ़ खत्म होने के बाद बैठ रही जमीन
ईएसएल के प्रोजेक्ट मैनेजर पल्लव श्रीवास्तव ने बताया कि गंगोत्री विहार कॉलोनी में बिछाई गई सीवर लाइन से कोई दिक्कत नहीं है। स्थानीय लोग जबरदस्ती आकर प्लांट को बन्द करा दिए हैं। दो सौ मीटर के दायरे में घर बनने के कारण बाढ़ खत्म होने के बाद जमीन बैठ रही। इसके कारण लोगों के घरों में दरारें पड़ रही हैं।