{"_id":"f5fe257008998f962f3141be0324062c","slug":"in-the-development-of-banaras-channulal-spread-from-corruption-hurt-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनारस के विकास में फैले भ्रष्टाचार से छन्नूलाल आहत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस के विकास में फैले भ्रष्टाचार से छन्नूलाल आहत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 22 Nov 2015 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैं सोचता हूं कि दुनिया को क्या हुआ या रब/किसी के दिल में मुहब्बत नहीं किसी के लिए...। शनिवार की सुबह दरवाजे पर दस्तक देते ही यह शेर पढ़ा पं. छन्नूलाल मिश्र ने।
विज्ञापन
खाटी बनारसी अंदाज में अपने साधना कक्ष में पंडित जी किसी सोच में डूबे हुए मिले। बनारस का हाल पूछते ही वह सीधे सड़कों की दुर्दशा से शुरू होते हैं। कहते हैं कि सही काम नहीं करेंगे तो कैसे सुधरेगा बनारस?
विज्ञापन
हफ्ते भर पहले एक संगीत समारोह के सिलसिले में अपनी भोपाल यात्रा का जिक्र करते हुए वह बताते हैं कि वहां मोटी लेयर वाली चौड़ी सड़कों पर बहुत मजा आया।
दिल्ली, लखनऊ, जयपुर की सड़कें भी बहुत मोटी और चौड़ी हैं लेकिन बनारस प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। लोग दिन भर जाम में फंसे रहते हैं।
विज्ञापन
यातायात तभी सुधरेगा, जब सड़कें सुधरेंगी। गिट्टियां छिड़क कर दबा दी जा रही हैं। पानी बरसता है तो तीन महीने में ही वो सड़कें टूटकर बह जाती हैं। पहले इस शहर की सड़कों, गलियों को ठीक किया जाना चाहिए।
ओवरब्रिज जल्दी और ठोस बनाए जाएं, ताकि जल्द जाम से छुटकारा मिल जाए। वह कहते हैं कि इंजीनियर ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं इसलिए पैसे का सही सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।
जितना पैसा मिल रहा है उसका ठीक से इस्तेमाल हो तो सड़कें बहुत अच्छी हो जाएंगी। फिर वह गंगा निर्मलीकरण के मुद्दे पर आते हैं।
उनका कहना है कि बनारस के लोग ही गंदगी कर रहे हैं। मोदी ने अस्सी घाट पर फावड़ा भी चलाया और गली में झाड़ू भी लगाई। एक आदमी क्या कर सकता है।
लोग गलियों में तो कूड़ा फेंकते ही है, घरों का कचरा, फूलमाला, जानवरों के शव गंगा में बहा दिए जा रहे हैं। नाले भी बंद नहीं किए जा रहे हैं।
गंगा में गंदगी करने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना और एक महीने की जेल का प्रावधान होना चाहिए। नगर निगम की लापरवाह कार्यशैली से और भी बदतर स्थिति होती जा रही है। मैं यह सब प्रधानमंत्री को जल्द ही बताने वाला हूं।
लोग डर के मारे उनसे मुझे मिलने नहीं दे रहे हैं कि कहीं असलियत खुल न जाए। जब भी मुलाकात होगी एक-एक जानकारी उन्हें दूंगा।
पेरिस हमले का जिक्र आने पर वह कहते हैं कि सिर्फ संगीत ही ऐसी कला है जो विश्व को एकता के सूत्र में बांध सकती है। लय-सुर सभी में है।
संगीत सुनकर सबको आनंद की अनुभूति होती है। अगर बगदादी को भी अच्छा कलाकार संगीत सुनाए तो उसमें दया आ जाएगी। असहिष्णुता के सवाल पर सम्मान वापसी को वह उचित नहीं मानते।
उनका कहना है कि जो लोग ऐसा कर रहे हैं करें लेकिन सम्मान का अनादर नहीं किया जाना चाहिए। सम्मान जिसे मिलता है , समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
बनारस घराने को लेकर उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि काशी में एक ऐसी संगीत एकेडमी की वह स्थापना करना चाहते हैं, जहां विश्व भर के लोगों के ठहरने, खाने की भी सुविधा हो और वह बनारस की खास शैली का संगीत सीख सकें।