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विस्फोट मामले में दोषमुक्त जिले के मो. हबीब जेल से रिहा
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अहमदाबाद में हुए सीरियल धमाके के मामले में बीते आठ फरवरी को आए कोर्ट के फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए आजमगढ़ के मो. हबीब फलाही को बुधवार को जेल से रिहाई मिल गई। वहीं दूसरे आरोपी को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। जेल से छूटने पर परिवार के लोगों ने खुशी जताई है।
वर्ष 2008 में 26 जुलाई को अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इसमें कुल 56 लोग मारे गए थे। मामले में आजमगढ़ से कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अहमदाबाद के विशेष अदालत में विस्फोट मामले की सुनवाई चल रही थी। प्रकरण में 77 आरोपितों में 49 को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इनमें आजमगढ़ के सात लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं। जबकि 28 बरी होने वालों में दो आजमगढ़ के मोहम्मद साकिब और मोहम्मद हबीब फलाही शामिल हैं। करीब दो दशक बाद आठ फरवरी को आए फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए दो लोगों में एक मोहम्मद हबीब बुधवार रात साबरमती जेल से रिहा हो गया जबकि दूसरा मो. शाकिब को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। इसी मामले में गुनहगार साबित हुए दो लोगों को 11 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। राशिद ने बताया कि नौ फरवरी की रात 10 बजे अहमदाबाद के साबरमती जेल से मेरा भाई छूट गया। उनकी रिहाई से परिवार में ईद, बकरीद सरीखी खुशियां हैं। दरअसल, मो. हबीब के निकाह के तीन-चार दिनों बाद ही गिरफ्तार होने से रिश्ता टूट गया था।
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वर्ष 2008 में 26 जुलाई को अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इसमें कुल 56 लोग मारे गए थे। मामले में आजमगढ़ से कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अहमदाबाद के विशेष अदालत में विस्फोट मामले की सुनवाई चल रही थी। प्रकरण में 77 आरोपितों में 49 को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इनमें आजमगढ़ के सात लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं। जबकि 28 बरी होने वालों में दो आजमगढ़ के मोहम्मद साकिब और मोहम्मद हबीब फलाही शामिल हैं। करीब दो दशक बाद आठ फरवरी को आए फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए दो लोगों में एक मोहम्मद हबीब बुधवार रात साबरमती जेल से रिहा हो गया जबकि दूसरा मो. शाकिब को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। इसी मामले में गुनहगार साबित हुए दो लोगों को 11 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। राशिद ने बताया कि नौ फरवरी की रात 10 बजे अहमदाबाद के साबरमती जेल से मेरा भाई छूट गया। उनकी रिहाई से परिवार में ईद, बकरीद सरीखी खुशियां हैं। दरअसल, मो. हबीब के निकाह के तीन-चार दिनों बाद ही गिरफ्तार होने से रिश्ता टूट गया था।
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