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भाजपा के गढ़ में ही ‘मोदी लहर’ बेअसर
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2015 02:09 AM IST
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वाराणसी। राजनीतिक हलकों में छावनी परिषद के चुनाव में भाजपा समर्थित सभी सातों प्रत्याशियों की करारी हार की अलग-अलग व्याख्या की जाने लगी है। भाजपा इसे दूसरी पार्टियों के धनबल का नतीजा बताने में लगी है तो विरोधी इसे अपने ही संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू बेअसर होना कह रहे हैं।
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लोस चुनाव में मोदी के खिलाफ ताल ठोकने वाले कांग्रेस विधायक अजय राय तो यहां तक कहने लगे हैं कि यह मोदी की अपने संसदीय क्षेत्र में लगातार चौथी हार है। इससे साबित हो गया कि अब ‘मोदी मैजिक’ बेअसर हो चला है।
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छावनी परिषद में चुनाव निर्दलीय आधार पर होता है लेकिन पहली बार भाजपा ने यहां सातों वार्डों में न केवल अपने समर्थित प्रत्याशी उतारे बल्कि उनकी जीत का दावा भी किया था। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने खुद घर-घर जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगे।
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मतदाताओं से यहां तक कहा कि भाजपा की जीत होने पर केंद्र सरकार से धन लाकर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। पार्टी के आसपास के जिलों के सांसद, विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ पूर्वांचल के भाजपा के सभी दिग्गज नेता प्रत्याशियों को जीताने के लिए वार्डों में घूमते रहे।
इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। इस हार के बाद विरोधियों को भाजपा पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। इससे भाजपा के मिशन यूपी 2017 को भी झटका लगा है। पार्टी का एक घटक मानता है कि स्थानीय नेताओं के बड़बोलेपन के चलते पार्टी को शर्मसार होना पड़ा है।
छावनी परिषद के नतीजे आने के बाद मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके विधायक अजय राय मुखर हो गए हैं। सोमवार को वे छावनी के सातों वार्डों में जाकर लोगों से मुलाकात की।
उनका दावा है कि शैलेंद्र कुमार सिंह कांग्रेस के महानगर उपाध्यक्ष हैं जबकि शैलजा श्रीवास्तव, शाहनवाज अली और मसूदा हुसैन कांग्रेस से जुड़े हैं। सात में चार सदस्य कांग्रेस से जुड़े हैं, ऐसे में उपाध्यक्ष पद पर पार्टी का ही कब्जा होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की लगातार चौथी हार है।
इससे पहले रोहनिया विधानसभा उपचुनाव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में भाजपा के छात्र संगठन को मुंह की खानी पड़ी। केवल हवा बांधने से कुछ नहीं होता है, जनता जान चुकी है कि जमीन पर काम करने वाला कौन है और बयान बहादुर कौन है।