अमर उजाला इंपैक्ट: बीएचयू अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की हालत चिंताजनक, आईएमएस प्रशासन कराएगा जांच
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर ने शुक्रवार को किसी बात से नाराज होकर इंसुलिन की ओवरडोज ले लिया था। इस मामले में आईएमएस प्रशासन जांच कराएगा।
विस्तार
आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर की हालत चिंताजनक बनी है। शुक्रवार को इंसुलिन की ओवरडोज लेने के बाद उसको आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। दूसरे दिन शनिवार को उसको होश नहीं आया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक(एसएसबी) के छठे तल स्थित आईसीयू में वह बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर पड़ी है। अमर उजाला ने शनिवार को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद आईएमएस प्रशासन हरकत में आया। आईएमएस प्रशासन ने घटना की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर ने शुक्रवार को किसी बात से नाराज होकर इंसुलिन की ओवरडोज ले लिया था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। शुक्रवार दोपहर बाद से ही उसको एसएसबी के छठे तल पर स्थित आईसीयू के बेड नंबर 30 पर भर्ती करवाया गया है। इंसुलिन के ओवरडोज का असर मल्टीआर्गन पर पड़ा है। सबसे अधिक किडनी पर असर पड़ा है।
इस वजह से शुक्रवार की देर शाम उसकी डायलिसिस भी हुई। हालांकि घटना के बाद से ही वह बेहोश पड़ी हैं, उसके इलाज में लगे डॉक्टर उसके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। हालत चिंताजनक देखते हुए आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी के साथ ही क्रिटिकल केयर से जुड़े डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए हैं।
चिकित्सा संकाय प्रमुख होंगे अध्यक्ष, ऐसी घटना रोकने का सुझाव भी देगी कमेटी
आईएमएस बीएचयू सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद शनिवार को आईएमएस प्रशासन सामने आया है। निदेशक प्रो.एसएन संखवार ने बताया कि सर्जरी विभाग की एक पीजी छात्रा से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति में चिकित्सा संकाय प्रमुख को अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें सर्जरी विभाग की प्रो. सीमा खन्ना, आईएमएस के डिप्टी चीफ प्रॉक्टर को सदस्य बनाया गया है। बताया कि समिति घटना के सभी तथ्यों की जांच करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुधारात्मक उपायों की सिफारिश भी करेगी। समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट निदेशक को सौंपेगी।