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IMS BHU: आईएमएस बीएचयू में सप्ताह में 74 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे जूनियर डॉक्टर, इस वजह से लिया निर्णय
Wed, 18 Mar 2026 11:29 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:29 AM IST
सार
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में जूनियर डॉक्टर सप्ताह में 74 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे। सर्जरी विभाग की छात्रा के इंसुलिन की ओवरडोज लेने की घटना के बाद डॉक्टरों ने काम का दबाव ज्यादा होने की बात कही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए आईएमएस प्रशासन ने ये अहम निर्णय लिया है।
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BHU Hospital
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईएमएस बीएचयू (बीएचयू अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर) में जूनियर डॉक्टर अब सप्ताह में 74 घंटे से अधिक काम नहीं करेंगे। साथ ही लगातार 24 घंटे उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। सर्जरी विभाग की छात्रा के इंसुलिन की ओवरडोज लेने की घटना के बाद नाराज जूनियर डॉक्टरों ने आईएमएस में काम का दबाव अधिक होने की बात कही थी। दूसरे दिन मंगलवार को भी पहले साल के जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी, वार्ड में सेवा नहीं दी। दिन भर निदेशक कार्यालय पर बैठे रहे। डॉक्टरों की शिकायत के बाद आईएमएस प्रशासन ने उनकी सेवाओं को लेकर अहम निर्णय लिया है।
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आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने मंगलवार को प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट (जेआर1) डॉक्टरों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। साथ ही सकारात्मक कराने की बात कही। निदेशक ने बताया कि डॉक्टरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान रखते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की नेशनल टास्क फोर्स सिफारिशों को लागू किया जाएगा। डॉक्टरों से सप्ताह में 74 घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जाएगा और एक बार में 24 घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। कैंटीन को बेहतर बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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सर्जरी विभाग की छात्रा की हालत स्थिर
सर्जरी विभाग की जिस छात्रा ने शुक्रवार को इंसुलिन की ओवरडोज लेकर जान देने का प्रयास किया था। आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर है और नेफ्रोलॉजी, मेडिसिन, कार्डियोलॉजी समेत अन्य विभागों के डॉक्टरों की टीम इलाज में लगीहै। पांच दिन में फिलहाल बहुत कुछ सुधार नहीं दिख रहा है, वह अभी भी होश में नहीं आ पाई है।