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बाबतपुर हवाई अड्डे पर कार्गो की केंद्रीयकृत व्यवस्था शुरू, हवाई मार्ग से आयात-निर्यात अब ज्यादा आसान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:57 AM IST
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कार्गो टर्मिनल का उद्वघाटन करते गुरु प्रसाद महापात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस सहित पूर्वांचल के उद्यमियों और व्यापारियों के लिए अच्छे दिन शुरू हो गए हैं। अब उनके लिए हवाई मार्ग से आयात-निर्यात ज्यादा आसान हो गया है। बाबतपुर एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग का पूरी कमान अब एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया खुद संभालेगी।
साथ ही एक छत के नीचे उन्हें सारी सुविधाएं मिलेंगी। अथॉरिटी के चेयरमैन गुरु प्रसाद महापात्रा ने फीता काटकर कार्गो की केद्रीयकृत सेवा व्यवस्था का शुभारंभ किया। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अभी तक एयर कार्गो की व्यवस्था निजी विमान एजेंसियां संचालित करती थी।
इसके चलते माल की जांच और हैंडलिंग के नाम पर ज्यादा समय लगता था, जिससे उद्यमी और व्यापारी परेशान होते थे। साथ ही कार्गो की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता रहता था। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कार्गो हैंडलीग की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले जी है।
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प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते यहां एयर कार्गो को विस्तार देने की भी कवायद की जा रही है। इससे चाहे बनारसी साड़ी, भदोही की कालीन या हरी सब्जियां, सभी के निर्यातकों को काफी सहूलियत होगी। आयात-निर्यात बढ़ने से पूर्वांचल के उद्यमी विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे।
कार्गो की केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन में इंट्रीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल बनाया गया है। यहां एक छत के नीचे सारी सुविधाएं मिलेंगी। कार्गो की बुकिंग के लिए एयरलाइंस एजेंसियों के अलग-अलग काउंटर बनाए गए है। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
साथ ही कार्गो ट्राली को उतारने और चढ़ाने के लिए रैंप बनाए गए है। यहां कार्गो हैंडलिंग की क्षमता फिलहाल 50 टन की है। यहां से प्रतिदिन पांच टन कार्गो अलग-अलग क्षेत्रों को भेजा जाता है। इस मौके पर एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार राय, कार्गो प्रबंधक एसके चौहान, डिप्टी कमांडेंट सुब्रत झा आदि थे।
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साथ ही एक छत के नीचे उन्हें सारी सुविधाएं मिलेंगी। अथॉरिटी के चेयरमैन गुरु प्रसाद महापात्रा ने फीता काटकर कार्गो की केद्रीयकृत सेवा व्यवस्था का शुभारंभ किया। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अभी तक एयर कार्गो की व्यवस्था निजी विमान एजेंसियां संचालित करती थी।
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इसके चलते माल की जांच और हैंडलिंग के नाम पर ज्यादा समय लगता था, जिससे उद्यमी और व्यापारी परेशान होते थे। साथ ही कार्गो की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता रहता था। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कार्गो हैंडलीग की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले जी है।
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प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते यहां एयर कार्गो को विस्तार देने की भी कवायद की जा रही है। इससे चाहे बनारसी साड़ी, भदोही की कालीन या हरी सब्जियां, सभी के निर्यातकों को काफी सहूलियत होगी। आयात-निर्यात बढ़ने से पूर्वांचल के उद्यमी विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे।
कार्गो की केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन में इंट्रीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल बनाया गया है। यहां एक छत के नीचे सारी सुविधाएं मिलेंगी। कार्गो की बुकिंग के लिए एयरलाइंस एजेंसियों के अलग-अलग काउंटर बनाए गए है। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
साथ ही कार्गो ट्राली को उतारने और चढ़ाने के लिए रैंप बनाए गए है। यहां कार्गो हैंडलिंग की क्षमता फिलहाल 50 टन की है। यहां से प्रतिदिन पांच टन कार्गो अलग-अलग क्षेत्रों को भेजा जाता है। इस मौके पर एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार राय, कार्गो प्रबंधक एसके चौहान, डिप्टी कमांडेंट सुब्रत झा आदि थे।
रनवे विस्तार होते ही शुरू हो कॉर्गो विमान सेवा
बाबतपुर एयरपोर्ट
बाबतपुर एयरपोर्ट गुरु प्रसाद महापात्रा ने बताया कि रनवे के विस्तार के बाद यहां कार्गो विमान सेवा शुरू की जा सकती है। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध के बारे में उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण का काम सरकार का है, जिसकी सूचना सरकार को दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि अगर रनवे के विस्तार के लिए एयरपोर्ट को जमीन नहीं मिली तो यहां बड़े एयरक्राफ्ट नहीं उतर पाएंगे। इससे विकास की बात अधूरी रह जाएगी। एयरपोर्ट आथरिटी के चेयरमैन ने वाराणसी के निर्यातकों के साथ वीआईपी लाउंज में बैठक कर जरूरी सुझाव मांगे।
इस मौके पर निर्यातकों ने कहा की एयर कार्गो काफी महंगा पड़ रहा है। उन्होंने रेट को लेकर पुन: विचार करने की बात कही। साथ ही निर्यातकों ने शहर में भी कार्गो कार्यालय खोलने की मांग की ताकि उन्हें 20 किमी दूर सामान बुक करने या लेने न आना पड़े।
बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, ऑल इंडिया एसोसिएशन, इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, लीडिंग कस्टम हैंडलिंग एजेंट, कारपेट एक्सपोर्ट व प्रमोशन काउंसिल, बिग कार्पेट हाउस के पदाधिकारी शामिल थे।
यह होंगे फायदेः
1. सिंगल काउंटर व्यवस्था के चलते होगी समय की बचत, भटकना नहीं होगा
2. विमान एजेंसियों के बजाय अथॉरिटी के नियमों के तहत होगी हैंडलिंग
3. सुरक्षा जांच में भी कम लगेगा समय, सामान की सुरक्षा बढ़ी
4. कार्गो के प्रति बढ़ा पहले से ज्यादा दायित्व (देनदारी)
उन्होंने बताया कि अगर रनवे के विस्तार के लिए एयरपोर्ट को जमीन नहीं मिली तो यहां बड़े एयरक्राफ्ट नहीं उतर पाएंगे। इससे विकास की बात अधूरी रह जाएगी। एयरपोर्ट आथरिटी के चेयरमैन ने वाराणसी के निर्यातकों के साथ वीआईपी लाउंज में बैठक कर जरूरी सुझाव मांगे।
इस मौके पर निर्यातकों ने कहा की एयर कार्गो काफी महंगा पड़ रहा है। उन्होंने रेट को लेकर पुन: विचार करने की बात कही। साथ ही निर्यातकों ने शहर में भी कार्गो कार्यालय खोलने की मांग की ताकि उन्हें 20 किमी दूर सामान बुक करने या लेने न आना पड़े।
बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, ऑल इंडिया एसोसिएशन, इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, लीडिंग कस्टम हैंडलिंग एजेंट, कारपेट एक्सपोर्ट व प्रमोशन काउंसिल, बिग कार्पेट हाउस के पदाधिकारी शामिल थे।
यह होंगे फायदेः
1. सिंगल काउंटर व्यवस्था के चलते होगी समय की बचत, भटकना नहीं होगा
2. विमान एजेंसियों के बजाय अथॉरिटी के नियमों के तहत होगी हैंडलिंग
3. सुरक्षा जांच में भी कम लगेगा समय, सामान की सुरक्षा बढ़ी
4. कार्गो के प्रति बढ़ा पहले से ज्यादा दायित्व (देनदारी)