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बनारस में पुलिस की शह पर हो रही वाहनों से अवैध वसूली, रुपये न देने वालों का सड़क पर चलना मुश्किल 

Tue, 17 Apr 2018 12:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 17 Apr 2018 12:57 AM IST
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Illegal recovery to vehicles by police support in varanasi
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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में पुलिस की शह पर वाहनों से अवैध वसूली का खुला खेल चल रहा है। रुपये ने देने पर सड़क पर वाहन चलना मुश्किल कर दिया जाता है।
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बनारस में कैंट स्टेशन से लेकर मुगलसराय के बीच छह स्थान पर पुलिस की शह पर सवारी वाहनों से अवैध वसूली की जाती है। चौकाघाट, गोलगड्डा, कज्जाकपुरा, मालवीय पुल, पड़ाव और मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर पुलिस के सामने ही अवैध वसूली की जाती है लेकिन कभी कार्रवाई नहीं होती।
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वहीं, रविवार को मालवीय पुल से अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार सियाराम गौड़ को सोमवार को जेल भेज दिया जबकि संजय कुमार सिंह और राजकुमार की पुलिस तलाश कर रही है। नगर निगम की पर्ची हाथ में लिए कैंट से मुगलसराय तक वसूली करने वाले युवक पुलिस की शह पर मनमानी पर उतारू रहते हैं। 
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वसूली के खेल में कई और चेहरे भी शामिल

Illegal recovery to vehicles by police support in varanasi
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सवारी वाहन चालकों के अनुसार कैंट से चलने वाली टाटा मैजिक को सुबह 30 रुपये देना होता है। इसके अलावा हर महीने एक हजार रुपये प्रत्येक गाड़ी से वसूला जाता है।

चौकाघाट पर 60 रुपये, गोलगड्डा, कज्जाकपुरा व मालवीय पुल पर 20 रुपये रोज व पांच सौ महीना, पड़ाव और मुगलसराय पर हर चक्कर के बाद 20 रुपये व पांच से एक हजार रुपये तक महीना वसूला जाता है।

इस काम में संबंधित थानों की पुलिस वसूली करने वालों को संरक्षण देती है। इसके बदले में पुलिस को भी हर महीने मोटी रकम दी जाती है। इसके अलावा लाखों रुपये की इस वसूली के खेल में कई और चेहरे भी शामिल हैं।

आदमपुर पुलिस द्वारा मालवीय पुल से गिरफ्तार किए सियाराम गौड़ के पास से नगर निगम की फर्जी पर्ची बरामद हुई थी। सवारी वाहन संचालकों का कहना है कि फर्जीवाड़े पर आधारित इस वसूली की जांच कराई जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है।
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